किशनगंज जिले के पोठिया थाना क्षेत्र के कलियागंज स्थित सरकारी चकबंदी कार्यालय परिसर से कथित अवैध बालू-पत्थर का स्टॉक जब्त किए जाने के बाद ग्रामीणों और कारोबारियों को धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में कलियागंज के करीब 40 हिंदुओं एवं व्यापारियों ने सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त आवेदन पुलिस अधीक्षक को सौंपकर आरोपित पक्ष के लोगों पर गाली-गलौज, डराने-धमकाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर क्षेत्र में कोई गंभीर अप्रिय घटना हो सकती है।
आवेदन के अनुसार, कलियागंज सरकारी चकबंदी कार्यालय परिसर में सेठाबाड़ी, तैयबपुर निवासी शब्बीर, पिता मजदूल द्वारा भारी मात्रा में बालू-पत्थर का कथित रूप से अवैध भंडारण किया गया था। 17 सितंबर को सड़क दुर्घटना के बाद ग्रामीणों एवं स्थानीय मीडिया की ओर से प्रशासन को इसकी सूचना दिए जाने के बाद खनन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए सरकारी परिसर से बालू का स्टॉक जब्त किया था।
ग्रामीणों का क्या है आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि जब्ती की कार्रवाई के बाद शब्बीर एवं उसके साथियों ने सूचना देने वाले ग्रामीणों और कारोबारियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। आवेदन में आभूषण कारोबारी बलराम कुमार ठाकुर समेत अन्य व्यवसायियों को धमकाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, आरोपित पक्ष के लोग गांव में घूमकर प्रशासन को सूचना देने वालों को जान से मारने और उनकी दुकानें उजाड़ने की धमकी दे रहे हैं।
आवेदन में 17 एवं 27 सितंबर को शाम करीब 5:35 बजे बलराम कुमार ठाकुर के घर पहुंचकर उसके माता-पिता के सामने उसे जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या करने की धमकी दिए जाने का भी दावा किया है। वहीं, जमीन मालिक कौशल किशोर चौधरी उर्फ गुड्डू चौधरी पर भी दुकानदारों को जमीन संबंधी मामलों में फंसाने के लिए कथित रूप से शिकायतें देने का आरोप लगाया गया है। आवेदन में गांव में असामाजिक तत्वों को कथित रूप से संरक्षण देने और स्थायी रूप से बसाने की बात किए जाने का भी उल्लेख है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले में पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कलियागंज में रहते हैं व्यवसायी
ग्रामीणों का कहना है कि कलियागंज शांतिपूर्ण गांव है, जहां बड़ी संख्या में व्यापारी और व्यवसायी रहते हैं। कथित धमकियों के बाद ग्रामीणों और कारोबारियों में भय का माहौल है। आवेदन में जान-माल के नुकसान की आशंका जताते हुए पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है। ग्रामीणों एवं व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कर धमकी देने के आरोपों पर कार्रवाई करने तथा कलियागंज के ग्रामीणों एवं व्यवसायियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। आवेदन पर बलराम ठाकुर, अशोक ठाकुर, दिनेश चौधरी, गंगा मालाकार, बासुदेव मालाकार, विजय सिंह, अमरजीत चौधरी और परेश दास समेत करीब 40 ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।











