फ्लाईदुबई में कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला करने वाले संदिग्ध आतंकी की पहचान हो गई है। ये वारदात 30 सितंबर (2026) को दुबई से तेल अवीव जाते वक्त हुई थी। वहीं पर को-पायलट हमाम अलहमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट में हमला कर दिया था। यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार ने भी इस घटना को आतंकी हमला करार दिया है।
घटना क्या हुई थी
फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में करीब 180 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। जांच में इसे विमान को गिराने की कोशिश माना जा रहा है। विमान करीब दो मिनट में लगभग 16,000 फीट नीचे चला गया। कैप्टन ने घायल होने के बावजूद विरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोला। अन्य क्रू सदस्य और यात्री अंदर आए, हमलावर को पकड़ लिया। दो ऑफ-ड्यूटी पायलट भी मदद में आए। विमान को नियंत्रण में लाया गया और सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग हुई। सभी यात्री सुरक्षित उतरे।
संदिग्ध की पहचान
संदिग्ध का नाम हमाम अलहमामी (या हमाम अल-हम्मामी) है। वह ओमान का नागरिक है। उसकी उम्र करीब 29 साल बताई जा रही है। वह संयुक्त अरब अमीरात में पैदा हुआ था। पिता ओमानी और माँ सीरियाई थीं। उसने यूएई में कई साल बिताए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके पास दूसरी नागरिकता नहीं है।
ओमान एयर से जुड़ा पुराना मामला
अनेक रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अलहमामी को पहले ओमान में उड़ान भरने से रोका गया था। अल अरबिया इंग्लिश के सूत्रों के अनुसार, उसके कथित चरमपंथी विचारों की वजह से ओमान में उड़ान पर पाबंदी लगी थी। इसके बाद वह देश छोड़कर चला गया। उसने ज्यादातर समय ओमान के बाहर, खासकर सीरिया में बिताया। वहाँ उसे चरमपंथी विचारों से प्रभावित बताया जा रहा है। बाद में वह यूएई आ गया।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल ओमान एयर (ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन) में ट्रेनिंग रोल से उसे हटा दिया गया था। कारण थे उसके रेडिकल विचार। उसे बाद में एयरलाइन में कोई और काम दे दिया गया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 2024 में ट्रेनिंग के दौरान उसके पास चरमपंथी सामग्री मिली थी। इसलिए उड़ान ड्यूटी से हटाकर प्रशासनिक काम पर लगा दिया गया।
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फ्लाईदुबई में नौकरी
अलहमामी फ्लाईदुबई में करीब आठ महीने से काम कर रहा था। इससे पहले वह मोरक्को की रॉयल एयर मराक में भी काम कर चुका था। ओमान इजरायल को मान्यता नहीं देता और दोनों देशों में राजनयिक संबंध नहीं हैं। फिर भी उसे तेल अवीव वाली फ्लाइट पर कैसे अनुमति मिली, इस पर सवाल उठ रहे हैं। इजरायली एजेंसियाँ भी इसकी जाँच कर रही हैं।
उसके पास से मिले फिलिस्तीनी साहित्य
i24 न्यूज के अनुसार, उसके सामान में फ्री फिलिस्तीन समूहों के पैम्फलेट और अन्य प्रो-फिलिस्तीनी सामग्री मिली। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह फिलिस्तीनियों के समर्थन और इजरायल के खिलाफ बातें करता रहा। ये चीजें उसकी कथित इस्लामी रेडिकलाइजेशन और संभावित आतंकवादी मकसद की जाँच का हिस्सा हैं। घटना के बाद विमान तबुक (सऊदी अरब) में उतरा। अलहमामी को वहाँ से यूएई भेज दिया गया। अब वह यूएई में आतंकवाद से जुड़ी जाँच का सामना कर रहा है।















