अस्थिर बांग्लादेश में ISIS की एंट्री!: खुलेआम लहराए गए आतंकी झंडे, क्या है मोहम्मद युनुस का मौन समर्थन?
June 24, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

अस्थिर बांग्लादेश में ISIS की एंट्री!: खुलेआम लहराए गए आतंकी झंडे, क्या है मोहम्मद युनुस का मौन समर्थन?

बांग्लादेश में हादी हत्या के बाद हिंसा, ISI का प्रभाव, मीडिया पर आघात और अल्पसंख्यक समुदाय पर मंडराता खतरा। पढ़िए इस रिपोर्ट में पूरा विश्लेषण

Written byShivam DixitShivam Dixit
Dec 20, 2025, 10:27 pm IST
in विश्व, विश्लेषण

बांग्लादेश एक बार फिर गंभीर राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल की चपेट में है। शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद राजधानी ढाका और कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे। कट्टरपंथी प्रदर्शनकारियों ने गुस्से में देश के दो सबसे बड़े अखबार प्रोथोम आलो और द डेली स्टार के दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया। जिसके बाद प्रेस की स्वतंत्रता और मानवाधिकार की गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

हादी की हत्या और उसकी पृष्ठभूमि

32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश के जुलाई आंदोलन से उभरकर सामने आया एक था। वो इंकलाब मंच के संयोजक और प्रवक्ता था, जो पारंपरिक राजनीतिक वर्चस्व और सत्ता के खिलाफ मुखर था। ढाका विश्वविद्यालय से शिक्षित हादी ने न केवल सत्तारूढ़ अवामी लीग बल्कि सभी राजनीतिक दलों की आलोचना की। उसका मकसद देश में कट्टरपंथी शक्ति को आगे बढ़ाना था। साथ ही उसका प्लान भारत के नार्थ ईस्ट के सातों राज्यों को भारत से अलग करने का था।

यह भी पढ़ें – कट्टरपंथ की आग में जलता बांग्लादेश! निशाने पर मीडिया, हिंदू और नेता, मानवाधिकार संगठनों की चुप्पी पर भी उठे सवाल?

बता दें 12 दिसंबर 2025 को हादी ढाका के मोटिजील इलाके में नकाबपोश हमलावरों के निशाने पर आया। रिक्शा में जा रहे हादी को सिर में गोली लगी, और गंभीर रूप से घायल उसे सिंगापुर ले जाया गया, जहां छह दिन बाद उसकी मृत्यु हुई। हादी की हत्या ने पूरे देश में मजहबी विरोध-प्रदर्शन और खूनी हिंसा को जन्म दिया।

अखबारों पर हमला और पत्रकारों की सुरक्षा

वहीं हादी की मौत के बाद ढाका में मजहबी कट्टरपंथी प्रदर्शनकारियों ने सरकारी और निजी इमारतों को निशाना बनाया। सड़कों पर मजहबी उन्मादी लड़कों की भीड़ हाथों में लाठी डंडे लेकर इस्लामिक नारे लगते नजर आए। प्रोथोम आलो के कार्यकारी संपादक सज्जाद शरीफ ने इसे बांग्लादेशी मीडिया के इतिहास की सबसे काली रात बताया।

यह भी पढ़ें – बांग्लादेश के कथित आंदोलन का असली चेहरा आ ही गया सामने? जो जला रहे हैं, वे जलाना ही चाहते हैं

उन्होंने कहा कि पत्रकारों को इमारत छोड़कर जान बचानी पड़ी और अगले दिन का अखबार प्रकाशित नहीं हो सका।

अल्पसंख्यक समुदाय पर असर

बता दें कि मजहबी भीड़ ने ढाका से चटगांव तक कई जगह आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा फैलाई। इस दौरान अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर भी हमला हुआ। भालुका में 30 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पकड़कर पीटा और सरेआम पेड़ पर लटका कर आग लगा दी। इस घटना के बाद से ही बांग्लादेश में मानवाधिकारों के हनन और अल्पसंख्यक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते नजर आ रहे हैं।

राजनीतिक अस्थिरता और चुनावों पर प्रभाव

बता दें कि देश 12 फरवरी 2026 के राष्ट्रीय चुनाव की तैयारी में था, लेकिन हादी की हत्या ने बांग्लादेश की पहले से नाजुक राजनीतिक स्थिति को और अस्थिर कर दिया। जिसके बाद उपजी हिंसा ने चुनाव की प्रक्रिया पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल दिया। साथ ही शेख हसीना सरकार के पतन के बाद ढाका में बढ़ते पाकिस्तानी प्रभाव और ISI की गतिविधियों को भी उजागर किया।

यह भी पढ़ें – बांग्लादेश को भारत की दो-टूक चेतावनी, बांग्लादेशी राजदूत तलब

बांग्लादेश में लहराए जा रहे हैं ISIS के झंडे

वहीं इस मजहबी हिंसा के बीच एक बार फिर धनमंडी 32 आवास के बचे हुए हिस्से को गिराने की कोशिश की, और खुलेआम ISIS के झंडे लहराए। जिसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफोर्म एक्स पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसके बाद बंगलदेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनुस की मंशा पर भी सवाल उठने लगे है।

क्योंकि जब ​​इन चरमपंथियों ने पहली बार घर पर हमला किया था, तो यूनुस ने न तो इसे बचाने के लिए कदम उठाए और न ही यह सुनिश्चित किया कि दोषियों को सज़ा मिले। इसके बजाय, मोहम्मद यूनुस ने भीड़ की हिंसा को कम करके आंका और शेख हसीना पर भी आरोप लगाया, और दावा किया कि उनके भाषणों ने भीड़ को उकसाया था।

बांग्लादेश में लहराए जा रहे हैं ISIS के झंडे

कथित शांतिदूत मोहम्मद यूनुस अपने घर पर पैर-पसार कर सो रहे हैं, और इस्लामी कट्टरपंथियों और आतंकवादियों को देश नियंत्रण करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

कट्टरपंथी इस्लामी समूहों ने एक बार फिर धनमंडी 32 आवास के बचे हुए हिस्से को… pic.twitter.com/pfQhPI6RIH

— Shivam Dixit (@ShivamdixitInd) December 20, 2025


अब सवाल यह है..? उन्हें वापस आकर बची हुई इमारत को नष्ट करने की कोशिश करने के लिए किसने उकसाया..? उसी समूह ने द डेली स्टार और प्रोथोम आलो के दफ्तरों पर हमला क्यों किया..? इस बार इन हमलों के पीछे कौन था?

यह भी पढ़ें – बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने इस्तीफा देने की इच्छा जताई, यूनुस पर लगाया अपमान का आरोप

इन उठते सवालों से स्पष्ट है कि दुनिया को अभी यह समझना बाकी है कि यह मोहम्मद युनुस की अंतरिम सरकार की असमर्थता या विफलता नहीं है, बल्कि मोहम्मद यूनुस की इन हमलों में सीधी मिलीभगत है।

ISI का प्रभाव और क्षेत्रीय खतरा

खुफिया रिपोर्टों की माने तो, पाकिस्तान की ISI एजेंसी ने ढाका में एक स्पेशल सेल स्थापित किया है। अक्टूबर 2025 में चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी जनरल साहिर शमशाद मिर्जा की यात्रा के बाद यह यूनिट सक्रिय हुई। सूत्रों के मुताबिक, इसका मुख्य उद्देश्य बांग्लादेशी युवाओं का कट्टरपंथीकरण और मजहबी उग्रवाद को बढ़ावा देना है। साथ ही यह क्षेत्रीय स्थिरता और भारत की पूर्वी सीमाओं के लिए सीधे खतरे की चेतावनी था।

नागरिकों में असुरक्षा, हवा-हवाई अंतरिम सरकार की बातें

वहीं अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने हादी की हत्या पर भाषणबाजी की और हिंसा के बाद कार्रवाई का वादा तो किया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम ना उठाकर केवल खानापूर्ति की । जिससे नागरिकों और पत्रकारों की सुरक्षा का संकट बढ़ गया है। पत्रकारों की हत्या और मीडिया संस्थानों पर हुए हमले ने बांग्लादेश में अधिकारों का हनन और असुरक्षित पत्रकारिता की गंभीर तस्वीर पेश की है।

यह भी पढ़ें – “इंडिया-बांग्लादेश रिलेशंस: द वे फॉरवर्ड”: अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले और भारत की कूटनीतिक चिंता

वहीं कार्रवाई की बातें केवल भाषणों में देखी जा रहीं है, जमीनी स्तर पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। मजहबी कट्टरपंथियों की भीड़ सड़कों पर उत्पात मचाते हुए साफ नजर आ रही है। साथ ही चुन-चुनकर अल्पसंख्यकों और उनके प्रतिष्ठानों पर हमला कर उन्हें लुटती दिख रही है।

भारत विरोधी प्रदर्शन कर रहे मजहबी

वहीं हादी की मौत के बाद ढाका विश्वविद्यालय और शाहबाग में मजहबी प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। नारेबाजी, विरोध मार्च और भारत विरोधी प्रदर्शनों ने पूरे शहर को अशांति और भय का माहौल प्रदान किया। कट्टरपंथी समूहों और एनसीपी ने हादी के हत्यारों की वापसी तक भारत स्थित भारतीय उच्चायोग को भी बंद रखने की मांग की। और भारतीय उच्चायोग पर हमले की कोशिश भी की।

मानवाधिकार और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा

बता दें कि इस हिंसा में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को निशाना बनाया गया। दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या और आग में झोंकने की घटना ने देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों की गंभीर उल्लंघन की चेतावनी दी है। विशेषज्ञ इसे मजहबी कट्टरता और सामाजिक असहिष्णुता का नतीजा मान रहे हैं।

यह भी पढ़ें – भारत ने इस्लामवादी Bangladesh को लगाई कड़ी फटकार, कहा-बंद करो धमकियों का कारोबार! क्या बांग्लादेश में सक्रिय है ISI!

बांग्लादेश में मीडिया और अभिव्यक्ति की आजादी

अखबारों पर हमले और पत्रकारों के खिलाफ हिंसा ने यह स्पष्ट कर दिया कि बांग्लादेश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में है। मीडिया संस्थानों पर हुए हमले न केवल पत्रकार सुरक्षा को प्रभावित करता है, बल्कि समाज में भय और सेंसरशिप का माहौल भी पैदा करता है।

भारत के लिए रणनीतिक खतरे

बता दें कि बंगलदेश में ISI की सक्रियता और पाकिस्तान का बांग्लादेशी युवाओं का कट्टरपंथीकरण भारत के क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनीतिक हित के लिए चुनौती पेश करता है। हालंकि NSA अजित डोभाल ने इसे बांग्लादेशी अधिकारियों के सामने उठाया। लेकिन अब भारत की पड़ोसी फर्स्ट नीति और क्षेत्रीय स्थिरता अब इस हिंसा और ISI की गतिविधियों से सीधे प्रभावित हो रही है।

यह भी पढ़ें – बुर्का-नमाज़ मौत का कारण? : भारत ही नहीं विदेशों में भी मजहबी कट्टरता हावी, बलि चढ़ीं कई जिंदगियां

बांग्लादेश में हादी की हत्या और उसके बाद फैली सुनियोजित मजहबी हिंसा ने दिखाया कि देश में कट्टरपंथ, असुरक्षित पत्रकारिता, राजनेता की सुरक्षा और अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के अधिकारों पर गंभीर खतरा है। यह मानवाधिकार उल्लंघन और मजहबी उग्रवाद की चेतावनी देता है, जिसे रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय निगरानी, त्वरित कार्रवाई बेहद आवश्यक है।

Topics: अल्पसंख्यक सुरक्षाहादी हत्यापत्रकार सुरक्षाBangladesh Hadi murderDhaka violence newsattacks on media BangladeshHindu minority attacks BangladeshISIISI influence Bangladeshबांग्लादेशBangladesh political unrestभारत-बांग्लादेश संबंधjournalist safety Bangladeshढाका हिंसा
Shivam Dixit
Shivam Dixit
अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार। वर्ष 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत। प्रिंट, TV और डिजिटल मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया। भारत की प्रथम SMS समाचार एजेंसी "न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया" (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, डिजिटल मीडिया के अनोखे प्रोजेक्ट "इंडियाज़ पेपर" का नेतृत्व करते हुए 500 समाचार वेबसाइटों का प्रबंधन किया। भारत के अलग अलग राज्यों के लगभग 1000 स्थानीय पत्रकारों से जुड़ा यह प्रोजेक्ट "लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स" में दर्ज है। वर्ष 2022 से राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं। शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे- नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं। उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी "अंसार खान" की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Bangladesh Hindu Protest

भगवान राम के अपमान पर बांग्लादेश में हिंदुओं का बड़ा प्रदर्शन: ढाका में गूंजे ‘जय श्री राम’ के नारे

भारत के खिलाफ चीन-पाकिस्तान से चल रहा दुष्प्रचार अभियान

Explainer: बांग्लादेश की तस्वीरें, भारत की बदनामी : सोशल मीडिया पर चीन-पाकिस्तान से चल रहा दुष्प्रचार अभियान

Bangladesh halt Sriram statue contruction

क्या बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के आगे झुकी सरकार? बंद किया श्रीराम प्रतिमा का निर्माण

कोलकाता स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मुख्यालय में मार्को रुबियो और उनकी पत्नी जेनेट डी. रुबियो

मिशनरी धुरी पर मार्को

बांग्लादेश में निर्माणाधीन प्रभु श्रीराम की प्रतिमा

बांग्लादेश में सनातन प्रोजेक्ट के खिलाफ जिहाद? अल्पसंख्यकों के नहीं सुधरे हालात, प्रभु श्रीराम की प्रतिमा तोड़ने की धमकी

प्रतीकात्मक तस्वीर

बांद्रा में अवैध मस्जिद ढहाने का बदला लेने के लिए पाकिस्तान में रची गई मुंबई को दहलाने की साजिश

Load More

ताज़ा समाचार

Mahrang Baloch Sentenced to Life Imprisonment Pakistan Army Balochistan Protest

पाकिस्तान में तानाशाही हावी: बलूच एक्टिविस्ट डॉ. महरंग बलोच को उम्रकैद, उबाल पर बलूचिस्तान, सड़कों पर उतरा जनसैलाब!

उत्तराखंड पुलिस की फर्जी इंस्टाग्राम ID : सीनियर अफसर का बनाया ‘डीपफेक’ वीडियो, मोहम्मद लुकमान गिरफ्तार

आपातकाल का सच

हिटलर गांधी : स्वयंसेवकों का बलिदान, बचा संविधान

ncient shaligram fossils found in lapthal niti valley chamoli uttarakhand

उत्तराखंड: तिब्बत बॉर्डर पर शालिग्राम की खोज, रहस्यों से उठने लगा पर्दा

संभल में महज 5 मिनट में दबोचा मासूम का दुष्कर्मी: स्निफर डॉग ‘मैरी’ का हैरतअंगेज कारनामा, SP ने दिया ₹10,000 का इनाम

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प

जी 7, पश्चिम एशिया और भारत के सधे कदम

फ्रांस में म्यूजिक फेस्टिवल में फिर हुआ बवाल

फ्रांस: म्यूजिक फेस्टिवल में फिर लड़कियों पर रहस्यमयी सिरिन्ज, चाकुओं से हमला और यौन उत्पीड़न

भगवंत मान वीडियो केस: फर्जी रिपोर्ट बनाने वाले 2 आरोपी 8 दिन की रिमांड पर, लैब पर बड़ा खुलासा, शिकायतकर्ता भी डरा!

rajnath singh cm pushkar dhami-visit dehradun tribute shok sabha

उत्तराखंड : पदम श्री निशानेबाज़ जसपाल राणा को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंची हस्तियां

मुंबई में चलती ट्रेन में युवक की हत्या

मुंबई: चलती लोकल ट्रेन में युवक की चाकू मारकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies