चमोली जिले की नीती घाटी में तमक नाले में बादल फटने के बाद बाधित हुआ जोशीमठ-मलारी हाईवे मंगलवार को यातायात के लिए खोल दिया गया। यह मार्ग भारत-चीन सीमा से सटा हुआ है और यहां से सीमांत गांवों को रसद सप्लाई होती है। सोमवार को तमक नाले में अचानक आए तेज जलप्रवाह के कारण हाईवे पर बना वैली ब्रिज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे सीमा क्षेत्र की ओर आवाजाही रुक गई थी।
बीआरओ ने तमक क्षेत्र में यातायात बहाल किया
घटना के तुरंत बाद, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीमों ने मंगलवार सुबह से ही मार्ग को सुचारु करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर दिया। बीआरओ के जवानों और मशीनरी ने सड़क पर आए मलबे और अन्य अवरोधों को हटाने के साथ-साथ वैकल्पिक व्यवस्था कर यातायात बहाल किया। कड़ी मशक्कत के बाद तमक क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकी। मार्ग खुलने से नीती घाटी के ग्रामीणों, सीमांत क्षेत्र में तैनात जवानों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, बादल फटने से क्षतिग्रस्त हुए वैली ब्रिज के कारण क्षेत्र में अभी भी चुनौतियां बनी हुई हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।












