अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने इमिग्रेशन नियमों को और टाइट करने की दिशा में एक नया कदम उठाया है। अब H-1B वीजा अप्लाई करने वालों और उनके फैमिली मेंबर्स को सोशल मीडिया प्रोफाइल को पब्लिक सेटिंग पर रखना होगा, ताकि उनकी ऑनलाइन एक्टिविटी की जांच हो सके। ये नियम 15 दिसंबर 2025 से लागू हो रहा है।
कौन से वीजा प्रभावित होंगे?
ये नई स्क्रीनिंग मुख्य रूप से H-1B वीजा (स्किल्ड वर्कर्स के लिए) और H-4 वीजा (उनके डिपेंडेंट्स, जैसे पति-पत्नी और बच्चे) पर लागू होगी। इसके अलावा, F, M और J कैटेगरी के वीजा (स्टूडेंट्स और एक्सचेंज विजिटर्स) पर पहले से ही ये नियम चल रहे हैं। अब H-1B को भी इसमें शामिल कर लिया गया है।
सोशल मीडिया जांच क्यों?
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट का कहना है कि हर वीजा एप्लीकेशन को नेशनल सिक्योरिटी का मामला मानकर पूरी तरह जांचा जाता है। अप्लाई करने वालों की ऑनलाइन प्रेजेंस देखी जाती है, ताकि कोई रिस्क वाला व्यक्ति देश में न आए। इसके लिए सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग को ‘पब्लिक’ करना जरूरी है। ये चेक अप्लाई करने वालों की आइडेंटिटी और एडमिसिबिलिटी कन्फर्म करने में मदद करता है।
बैकग्राउंड क्या है?
ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन इमिग्रेशन पर पहले से ही सख्त कदम उठा रहा है। अमेरिका में वीजा को अधिकार नहीं, बल्कि प्रिविलेज माना जाता है। स्टेट डिपार्टमेंट हर उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल करता है, ताकि ऐसे लोग जो सिक्योरिटी या पब्लिक सेफ्टी के लिए खतरा हों, उन्हें रोका जा सके। भारत में कई H-1B होल्डर्स के इंटरव्यू रीशेड्यूल हो रहे हैं, क्योंकि सोशल मीडिया वेटिंग पूरी होनी चाहिए।
क्या कहा स्टेट डिपार्टमेंट ने?
डिपार्टमेंट ने साफ कहा कि H-1B और H-4 अप्लाई करने वालों को अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पब्लिक करनी होंगी, ताकि वेटिंग आसान हो। वो सभी अप्लाई करने वालों की गहन जांच करते हैं, खासकर स्टूडेंट्स और एक्सचेंज विजिटर्स की ऑनलाइन एक्टिविटी पहले से चेक हो रही है। ये कदम सभी बड़े नॉन-इमिग्रेंट वीजा कैटेगरी में एकसमान स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के लिए है।

















