ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच देश के विदेश मंत्री अब्बास अरागची अमेरिका के साथ न्यूक्लियर बातचीत के लिए मस्कट पहुंच चुके हैं। जहां, ओमान में शुक्रवार (आज) को बातचीत होनी है। दोनों तरफ से कुछ रियायतें देकर ये मीटिंग सेट हुई है। इसमें ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम मुख्य मुद्दा है, लेकिन मिसाइलें और ईरान समर्थित मिलिटेंट ग्रुप्स पर भी चर्चा हो सकती है।
ईरान की तरफ से आधिकारिक बयान
इसकी पुष्टि करते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक्स पर लिखा कि अरागची शुक्रवार को अमेरिका के साथ “न्यूक्लियर नेगोशिएशंस” के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये बातचीत ईमानदार, पारस्परिक और सम्मानजनक समझौते के लिए है। उन्होंने पड़ोसी और क्षेत्रीय देशों का शुक्रिया अदा किया जो इसमें मदद कर रहे हैं, और उम्मीद जताई कि अमेरिका भी जिम्मेदारी और वास्तविकता के साथ आएगा।
ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की तैयारी और चेतावनी
वहीं अमेरिका की तरफ से व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने कहा कि ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर इसमें शामिल हो रहे हैं। प्रेसिडेंट ट्रंप उनकी अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने ये भी याद दिलाया कि अगर डिप्लोमेसी काम नहीं करती तो अमेरिका के पास दूसरे ऑप्शंस भी हैं, क्योंकि ट्रंप दुनिया की सबसे ताकतवर मिलिट्री के कमांडर-इन-चीफ हैं।
प्रॉक्सी ग्रुप्स को डिसआर्म करना जरूरी
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के नियर ईस्टर्न अफेयर्स ब्यूरो ने कहा कि ईरान के सपोर्टेड टेरर ग्रुप्स को हथियारों से मुक्त करना और मिडिल ईस्ट में शांति लाना ट्रंप के एजेंडे का अहम हिस्सा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने लेबनान के चीफ ऑफ डिफेंस से मुलाकात की और लेबनान को नॉन-स्टेट आर्म्ड ग्रुप्स को खत्म करने में सपोर्ट देने की बात की।
ईरानी लीडरशिप का भरोसा
सुप्रीम डिफेंस काउंसिल के सेक्रेटरी अली शमखानी ने कहा कि अरागची कुशल नेगोशिएटर हैं और उन्हें देश की टॉप लीडरशिप, मिलिट्री और इंटेलिजेंस का पूरा भरोसा है। सुप्रीम लीडर अली खामनेई के आदेश पर आर्म्ड फोर्सेस और डिप्लोमेसी दोनों मिलकर नेशनल इंटरेस्ट्स की रक्षा करेंगे।
197 ईरानी खिलाड़ियों का पत्र
197 ईरानी एथलीट्स और स्पोर्ट्स फिगर्स ने अमेरिकी कांग्रेस को खुला पत्र लिखा। उन्होंने निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी को ईरान का वैध प्रतिनिधि मानने और डेमोक्रेटिक ट्रांजिशन के लिए यूनिफाइड ऑपोजिशन लीडर के तौर पर सपोर्ट करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वो अंदर और बाहर के ईरानियों को एकजुट करने वाली ताकत हैं, और शांतिपूर्ण, नॉन-वायलेंट तरीके से डेमोक्रेटिक, सेक्युलर सिस्टम ला सकते हैं। साथ ही तेहरान के साथ एंगेजमेंट पॉलिसी पर दोबारा सोचने को कहा ताकि दमन में मदद न मिले।
















