ईरान में महिलाओं पर घनघोर अत्याचार : बचपन में निकाह और हिंसा की शिकार लड़कियां लड़ रहीं ज़िंदगी की लड़ाई
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ईरान में महिलाओं पर घनघोर अत्याचार : बचपन में निकाह और हिंसा की शिकार लड़कियां लड़ रहीं ज़िंदगी की लड़ाई

ईरान में बालविवाह की शिकार राना फराज ओघली को 16 साल की उम्र में शादी और 18 साल में शौहर हत्या का आरोप, फांसी दी गई, बलूच महिलाओं की भयावह स्थिति जानकर दंग रह जाएंगे आप।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by Shivam Dixit
Dec 10, 2025, 06:15 pm IST
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किसी भी एक बच्ची की कल्पना करें, जिसका निकाह बचपन में कर दिया गया हो और जिसका शौहर उस पर तमाम तरह के ज़ुल्म ढाता हो। उसका निकाह 12 साल की उम्र में उसके अपने किसी कज़िन से हुआ हो, वह तेरह वर्ष की उम्र में गर्भवती हुई हो और 13 वर्ष की उम्र में ही वह माँ बन गई हो।

बलूच समुदाय की स्थिति

यह कहानी ईरान में बलूच समुदाय की कौहकन की है। यह समुदाय ईरान के सबसे गरीब और उपेक्षित समुदायों में से एक है, जिनके पास न ही कोई आधिकारिक दस्तावेज़ होते हैं और न ही पढ़ने के अवसर। लड़की की जल्दी शादी कर दी जाती है। और लड़कियों के साथ हिंसा भी आम है। और इसी का शिकार यह लड़की भी हुई। उसके साथ मारपीट की जाती थी और सालों तक वह शारीरिक और मानसिक हिंसा का शिकार होती रही।

प्रतिकार और परिवार की विडंबना

नॉर्वे आधारित ईरान हयूमेन राइट्स नामक संस्था के अनुसार जब इस लड़की ने इस हिंसा का विरोध किया, और वहाँ से अपने अम्मी-अब्बू के घर भाग गई तो उसके अब्बू ने उसे वापस भेज दिया। उसके अब्बू ने कहा कि उसने अपनी बेटी को सफेद कपड़ा दिया, और बताया कि केवल उसी में वह वापस आ सकती है।

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बेचारी लड़की वापस आ गई और फिर से उसी मारपीट का शिकार होने लगी। जिस दिन उसके शौहर का खून हुआ, उस दिन उसने देखा कि वह उसके पंच साल के बेटे को मा रहा है। उसने अपने एक और कज़िन को मदद के लिए बुलाया। उसके आने पर उन दोनों के बीच लड़ाई हुई और जिसमें उसके शौहर की मौत हो गई। एम्बुलेंस बुलाई गई और फिर उसने अधिकारियों को बताया कि आखिर हुआ क्या था।

गिरफ्तारी और मृत्यु की धमकी

उन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया और फिर उसने एक कनफेशन पर दस्तखत कर दिए। और उसे मौत की सजा सुना दी गई। ईरानी कानून के अनुसार यदि कातिल ब्लड मनी दे देता है तो मरने वाले का परिवार कातिल को माफ कर देता है। जेल के अधिकारियों ने पीड़ित के परिवार से बात की और फिर वे इस नतीजे पर पहुंचे कि अगर वह 10 बिलियन तोमन दे देती है और गॉर्गन शहर को छोड़कर चली जाती है तो वे उसकी जान बख्श देंगे।

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अब उसका बेटा 11 साल का हो गया है, मगर उसे अपने बेटे से मिलने की इजाजत नहीं है। मगर ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि आखिर वह इतना पैसा लाएगी कहाँ से?

बलूच महिलाओं की स्थिति

गार्डियन के अनुसार बलोचिस्तान से महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ने वाली महिला ज़िबा बकत्यारी ने कहा कि कौहकन अकेली ऐसी महिला नहीं है। इस सरकार में महिलाओं को और वह भी विशेषकर बलूच महिलाओं को निशाना बनाया ही जाता रहा है। उनके विषय में कोई जानता नहीं है, कोई उनके बारे में परवाह नहीं करता और उनकी आवाज़ों को सुना नहीं जाता। महिलाओं के पास कोई अधिकार नहीं हैं और उन्हें अपने शौहर के हुकूम मानने ही होते हैं। उन्हें स्कूल नहीं भेजा जाता है और गरीबी के चलते उनकी शादी बचपन में करा दी जाती है।

ईरान में महिलाओं पर मृत्युदंड का भयावह अत्याचार

यदि महिलाओं को मृत्युदंड देने की बात की जाए तो ईरान ऐसा देश है, जहां पर सबसे ज्यादा महिलाओं को मृत्युदंड दिया जाता है। वर्ष 2024 में 31 महिलाओं को ड्रग्स के मामलों, कत्ल और सुरक्षा संबंधी अपराधों के चलते मौत की सजा दी गई थी। वर्ष 2025 में अभी तक कम से कम 42 महिलाओं को फांसी दी जा चुकी है।

राना फराज ओघली की फांसी

एक ऐसी ही लड़की राना फराज ओघली को 3 दिसंबर को दी गई फांसी। 3 दिसंबर को राना फराज ओघली को तबरीज़ सेंट्रल जेल में फांसी दे दी गई। ईरान हाइमन राइट्स के अनुसार वह भी एक ऐसी दुल्हन थी, जिसकी शादी बचपन में ही कर दी गई थी और जिसने अपने उस शौहर को मार डाला था, जो उसे लगातार मारता पीटता रहता था।

ईरान हयूमेन राइट्स के अनुसार “राना 16 साल की थी जब उसके परिवार ने उसे एक ऐसे आदमी से शादी करने के लिए मजबूर किया जो उससे 19 साल बड़ा था और उसके पहले से ही तीन बच्चे थे। राणा के परिवार ने उसे उसके पैसे की तंगी के लिए उससे शादी करने के लिए मजबूर किया, उसने राणा के पिता के काम करने के लिए एक पिकअप ट्रक खरीदा था। राना को शादी के लिए मजबूर करने के लिए दो दिन और रात एक कमरे में बंद रखा गया था।”

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लगभग आठ साल पहले उसकी शादी हुई थी, जब वह 16 साल की थी और दो साल पहले उसे गिरफ्तार किया गया था। उसने वकील लेने से भी इनकार कर दिया था और उसने कहा था कि वह ऐसी ज़िंदगी से आजाद होना चाहती है, जो मौत से भी बदतर हो।

राना को फांसी दी जा चुकी है और ईरान हयूमेन राइट्स के अनुसार उसके फांसी देने की खबर को घरेलू मीडिया या ईरान में अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट नहीं किया गया है।

महिलाओं के अधिकारों पर वैश्विक चुप्पी

ईरान में महिलाओं के साथ लगातार भयावह अत्याचार हो रहे हैं, परंतु यह विडंबना ही है कि पूरे विश्व में महिला अधिकार की बात करने वाली लॉबी इस पर शांत है।

Topics: Child BrideRana Faraj OghliBaloch Women Rightshuman rightsDeath PenaltyIran NewsIranChild marriageWomen violenceWomen’s rights
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