कराची के शेर शाह इलाके में एक चौंकाने वाली घटना हुई जहां पाकिस्तान में हिंदू महिलाओं का अपहरण फिर सामने आया। अज्ञात बंदूकधारियों ने एक पाकिस्तानी हिंदू महिला और उसकी नाबालिग बेटी को घर के बाहर से जबरन उठाकर सफेद अल्टो कार में डालकर ले गए। इस घटना ने Sindh Hindu Community में डर और तनाव बढ़ा दिया है।
Karachi Hindu Woman Kidnapped : परिवार ने सुनाई पूरी घटना
परिवार के अनुसार तीन हथियारबंद लोगों ने महिला को जैसे ही घर से बाहर निकला, तुरंत पकड़ लिया। यह घटना स्थानीय स्तर पर Karachi Hindu Woman Kidnapped के रूप में बड़ी चिंता का विषय बन चुकी है। परिवार को आशंका है कि मां-बेटी को जबरन धर्मांतरण कराकर किसी अपहरणकर्ता से शादी कराई जा सकती है।
सिंध के एक्टिविस्ट का दावा- लड़की और बच्ची का पता अब तक नहीं
सिंध के सिविल राइट्स एक्टिविस्ट शिवा काची ने बताया कि महिला रानी और उसकी बेटी अभी तक लापता हैं। उनका कहना है कि सिंध में जबरन कन्वर्जन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और हिंदू परिवार बेहद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि FIR दर्ज हो गई है, पर हालात बहुत चिंताजनक हैं।
Pakistan Forced Conversion Issue : एक्टिविस्ट को भी मिल रही हैं धमकियां
शिवा काची ने बताया कि वे Mirpurkhas में अपना कार्यालय चलाते हैं और Pakistan Forced Conversion Issue को उठाने के कारण उन्हें भी जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने पुलिस को शिकायत कर सुरक्षा मांगी है। उन्होंने कहा कि सिंध में गरीब हिंदू परिवारों की लड़कियों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है।
सिंध के उमरकोट में हिंदू लड़की को अगवा करने का प्रयास
इसी बीच सिंध के उमरकोट शहर में एक और घटना हुई जहां नई-नवेली विवाहित हिंदू लड़की भगवी को हथियारबंद लोगों ने उस समय अगवा करने की कोशिश की जब वह अपने पति के साथ माता-पिता से मिलने जा रही थी। स्थानीय लोगों की तेजी से प्रतिक्रिया के कारण अपहरणकर्ता उसे ले जाने में असफल रहे और भीड़ ने हमला कर उन्हें भगा दिया।
पाकिस्तान में हिंदू समुदाय लगातार डर के साए में
इन घटनाओं ने साबित कर दिया है कि पाकिस्तान में हिंदू महिलाओं का उत्पीड़न एक गहरी और बड़ी समस्या बनती जा रही है। Sindh Forced Conversion के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और इससे पूरा समुदाय खुद को असुरक्षित और असहाय महसूस कर रहा है। हालांकि कुछ स्थानीय एक्टिविस्ट इसका विरोध कर रहे हैं, जिसका कोई असर वहां दिखाई नहीं देता और हालात लगातार बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि इस तरह के मामले में पूरा तंत्र मजहबी कट्टरपंथियों के साथ खड़ा दिखाई देता है।














