खानदान ए आला हजरत के परिवार की तलाकशुदा बहू निदा खान ने अपने ससुर तौकीर रजा पर आरोप लगाया है। निदा खान ने कहा है कि “तौकीर रजा को उनके कर्मों की सजा मिल रही है। तौकीर रजा के कारण बरेली के मुसलमान बर्बाद हो रहे हैं। मौलाना तौकीर रजा का संगठन तालिबानी तरीके में काम कर रहा है।”
बरेली में बवाल के बाद तौकीर रजा को 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। उसके बाद से निदा खान को फोन पर धमकियां मिल रही हैं। निदा ने कहा कि लोग उनके सामने भी धमकी दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर उनके साथ कुछ भी गलत होता है, तो उसके जिम्मेदार तौकीर रजा होंगे। निदा खान ने कहा कि तौकीर रजा तो अब एक किनारे होकर बैठ गए हैं, मगर जो मुसलमान हिंसा में शामिल थे, उन पर अब भी कार्रवाई चल रही है।
फतवों और धमकियों से जुड़ा पुराना विवाद
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में तलाक और हलाला पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहीं आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी की अध्यक्ष निदा खान के खिलाफ लगातार दो फतवे जारी किए गए थे। पहले फतवे में उन्हें इस्लाम से खारिज कर दिया गया था। दूसरे फतवे में निदा खान और मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी को देश से बाहर निकालने एवं चोटी काटने पर इनाम घोषित किया गया था।
निदा खान ने बरेली जनपद के थाना बारादरी में फतवा जारी करने वालों के खिलाफ अलग-अलग दो एफआईआर दर्ज कराई थी। निदा खान ने दोनों एफआईआर में फतवा जारी करने वाले मौलानाओं के साथ-साथ अपने पति को भी नामजद किया था। उनका आरोप था कि फतवा जारी कराने की साजिश उनके पति ने ही रची थी।
पति और मौलानाओं पर षड्यंत्र रचने का आरोप
निदा ने अपनी शिकायत में शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम, फतवा तहरीर करने वाले काजी मुफ्ती अफजाल रज़वी और अपने पति शीरान रज़ा खान को नामजद किया था। निदा खान ने शीरान रजा खान पर षड्यंत्र रच कर फतवा जारी कराने का आरोप लगाया था। उन्होंने फैजाने मदीना खान काउंसिल के अध्यक्ष मोईन सिद्दीकी के खिलाफ भी बरेली जनपद के थाना बारादरी में एक दूसरी एफआईआर दर्ज कराई थी।
इस एफआईआर में भी उन्होंने शीरान रजा खान को नामजद किया था। मोईन सिद्दीकी ने मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी और निदा खान के खिलाफ फतवा जारी किया था कि उनकी चोटी काट कर लाने वाले को 11 हजार 786 रुपये का इनाम दिया जाएगा।
दहेज उत्पीड़न और तलाक का मामला
उस समय निदा खान ने बताया था कि उनका निकाह वर्ष 2015 में हुआ था। कुछ ही समय बाद उनके ससुराल वाले उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। दहेज न मिलने पर ससुराल वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया और उनके पति ने भी उन्हें तलाक दे दिया। निदा खान का आरोप है कि अक्सर शीरान उनके खिलाफ फर्जी तलाकनामा और फतवे जारी कराने जैसी साजिशों में शामिल रहते हैं।
















