बांग्लादेश में 15 अगस्त को क्या हुआ?
October 3, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

बांग्लादेश में 15 अगस्त को क्या हुआ?

अगस्त 2024 की कथित क्रांति के बाद से ही शेख मुजीबुर्रहमान की हर पहचान को मिटाने का आरंभ हो चुका था

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Aug 15, 2025, 09:43 pm IST
inविश्व
बांग्लादेश में यूनुस सरकार शेख मुजीब से जुड़ी हर निशानी मिटा रही है।

बांग्लादेश में यूनुस सरकार शेख मुजीब से जुड़ी हर निशानी मिटा रही है।

भारत 15 अगस्त के दिन स्वतंत्रता दिवस मनाता है, वहीं बांग्लादेश के लिए भी यह दिन स्मृतियों को लेकर आता है। लेकिन, बांग्लादेश में अंतरिम सरकार आते ही स्मृतियों को जलाने का काम शुरू हुआ। शेख हसीना को सत्ता से बेदखल करने के बाद वहां अराजकता का माहौल बना। भारत से जुड़ी स्मृतियां भी मिटाई जाने लगीं।

बांग्लादेश में 15 अगस्त को क्या हुआ?

यह दिन बांग्लादेश का निर्माण करने वाले शेख मुजीबुर्रहमान के साथ जुड़ा हुआ है। ये शेख मुजीबुर्रहमान वही हैं, जिनके नाम पर बने मुजीवाद को मिटाने के लिए मोहम्मद यूनुस की सरकार और साथ ही अन्य राजनीतिक दल कमर कसे हुए हैं। 1971 में बांग्लादेश का जन्म हुआ था और उसके साथ ही 14 अगस्त की उसकी पहचान (पहले पूर्वी पाकिस्तान) धूमिल हो गई थी। यह भी हो सकता है कि कुछ लोगों को यह पसंद न आया हो और इसी वजह से 15 अगस्त 1975 को बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की परिवार सहित नृशंस हत्या कर दी गई। चूंकि शेख हसीना मुल्क में नहीं थी, इसलिए वे बच गई थीं।

शेख मुजीबुर्रहमान को घर से बाहर आने के लिए कहा

शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या सेना के कुछ जूनियर अधिकारियों ने की थी। बंगबंधु ने सेनाध्यक्ष को फोन करते हुए कहा था कि सेना के अधिकारियों ने उन पर हमला कर दिया है तो उन्हें वापस आने का आदेश दिया जाए। इस पर सेनाध्यक्ष ने उन्हें उनके घर से बाहर निकलकर आने के लिए कहा था। अब ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या कोई व्यक्ति तब अपने घर से बाहर आ सकता है, जब उसके घर को चारों ओर से सैनिकों ने घेर रखा हो।

दस साल के बेटे को भी नहीं छोड़ा

जब शेख मुजीब ने गोलीबारी की आवाज सुनी तो वे नीचे भागे और उनपर गोली चला दी गईं। वे मुंह के बल नीचे गिर पड़े और नीचे तक गिरते चले गए। इसके बाद उनकी बेगम को गोली मारी गई। फिर बारी आई उनके दूसरे पुत्र जमाल की। उनकी दोनों बहुओं को भी नहीं बख़्शा गया। यहां तक कि उनके सबसे छोटे बेटे 10 साल के रसेल मुजीब को भी मौत के घाट उतार दिया गया। उन्हें मारने के बाद किसी के कंधे पर नहीं बल्कि घसीटते हुए बाहर लाया गया और इंतजार करते हुए ट्रक मे फेंक दिया गया। अगले दिन सैनिकों ने सारे शवों को एकत्र करके मुजीबुर्रहमान के शव को छोड़कर सभी के शवों को बेनानी कब्रिस्तान में एक गड्ढे में दफनाया।

शेख हसीना ने राष्ट्रीय शोक का दिन घोषित किया

मुजीब के शव को उनके गांव टाँगीपारा ले जाया गया और सेना ने किसी को भी उनके जनाजे में शामिल नहीं होने दिया। यहां तक कि वे शव को नहलाने भी नहीं दे रहे थे। फिर मौलाना के जोर देने पर तैयार हुए और नहाने का साबुन नहीं मिला, तो कपड़े धोने वाले साबुन से ही उन्हें नहलाया गया और फिर उनके शव को उनके वालिद की कब्र के पास दफना दिया गया। जब शेख हसीना मुल्क की प्रधानमंत्री बनीं, तो इस दिन को उन्होंने राष्ट्रीय शोक का दिन घोषित किया और उसके बाद इसे सार्वजनिक अवकाश घोषित किया।

यूनुस सरकार ने लगाया प्रतिबंध

यह किसी भी मुल्क के लिए दुख का ही दिन होगा, क्योंकि उसी दिन मुल्क को पहचान देने वाले व्यक्ति की हत्या की गई थी। मगर अब मोहम्मद यूनुस की सरकार ने इसे बंद कर दिया है। हालांकि यह निर्णय पिछले ही वर्ष ले लिया गया था। पिछले वर्ष जब शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़े केवल दस ही दिन हुए थे, तभी इस दिन को मनाने पर रोक लगा दी गई थी। इस वर्ष भी किसी को यह दिन मनाने नहीं दिया गया। मीडिया के अनुसार इस वर्ष अवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने इस दिन को मनाने का निर्णय लिया था और उन्होंने कहा कि फासीवादी यूनुस सरकार लोगों को उनके अधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी से वंचित कर रही है और उन्हें राष्ट्रपिता की बरसी को भी मनाने नहीं दे रही है।

अवामी लीग का बयान

अवामी लीग ने एक बयान जारी करके कहा कि अगस्त 2024 में “पाकिस्तानी विचारधारा से पोषित मुक्ति-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी ताकतों ने गहरी घरेलू और विदेशी साजिशों के जरिये अवैध रूप से राज्य की सत्ता हथिया ली है। पार्टी ने कहा कि यूनुस शासन ने “एक समृद्ध बांग्लादेश को पटरी से उतार दिया और अवसरों के सभी द्वार बंद कर दिए।”

बंगबंधु की हर पहचान मिटा रहे

यह भी ध्यान में रखा जाए कि अगस्त 2024 की कथित क्रांति के बाद से ही शेख मुजीबुर्रहमान की हर पहचान को मिटाने का आरंभ हो चुका था, जिनमें बांग्लादेश निर्माण के स्मारकों को तोड़ना, शेख मुजीबुर्रहमान के घर में आग लगाना और फिर देश के नोटों से उनकी तस्वीर हटाना जैसे कदम शामिल है। अब कथित क्रांतिकारियों और कथित छात्रों द्वारा यह भी कहा जाने लगा है कि “मुजीवाद को हर मूल्य पर नष्ट करना है!” मुजीबुर्रहमान की बरसी लगातार दूसरे साल न मनाने देना इसी दिशा में एक और कदम है।

ये भी पढ़ें – बांग्लादेश: सौतलपारा में वनवासियों पर कट्टरपंथी BNP का टूटा कहर, घरों को लगाई आग

 

Topics: शेख मुजीबुर्रहमानबांग्लादेश की राजनीतिbangladesh 15 augustबांग्लादेश में 15 अगस्तबंगबंधु की हत्याराष्ट्रीय शोक दिवसमुजीवादशेख हसीनाअवामी लीगपाञ्चजन्य विशेषमोहम्मद यूनुस सरकार
Share11
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

कैप्टन स्मित मछार

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर दुनिया कर रही सलाम, फिर भारत का लेफ्ट-लिबरल इकोसिस्टम चुप क्यों ?

आज का श्लोक : नेतृत्व और टीम भावना का सूत्र, श्लोक में छिपी है सफलता की 3 मुख्य शर्तें

Smartphone Shastra and Gen Z Indian Youth Analysis Swami Vishalanand Panchjanya

स्मार्टफोन, शास्त्र और संवाद: दिशाहीन विरोध प्रदर्शनों के बीच क्या सोच रहा आज का भारतीय युवा? पढ़ें विशेष विश्लेषण

हनुमान अंश : जड़ों की ओर लौटता सिनेमा

अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री

35 सवाल, 15 साल का डाटा और घुसपैठ का नेटवर्क: डेमोग्राफी चेंज पर गृह मंत्रालय की जांच से क्यों मची हलचल?

हरिपुर कालसी में हरिघाट के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ स्वामी चिदानंद सरस्वती और महामंडलेश्वर अरुण गिरि जी महाराज

हरिपुर : विरासत का पुनरुत्थान

Load More

ताज़ा समाचार

किशनगंज के 40 हिंदुओं ने एसपी से मांगी सुरक्षा, जानिए क्या है कारण ?

उत्तराखंड में मानसून की विदाई करीब, अगले दिनों मौसम शुष्क रहेगा

यूएई अधिकारी अनवर गर्गश ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार की तारीफ की, फ्लाईदुबई घटना को आतंकी करार दिया

प्रसिद्ध मोढेरा सूर्य मंदिर (फोटो साभार- गुजरात पर्यटन)

1000 साल पुराना मोढेरा सूर्य मंदिर: इस्लामी आक्रमणों के दंश से लेकर ‘सौर ग्राम’ बनने तक की यात्रा

फ्लायदुबई उड़ान में भारतीय कैप्टन पर हमला करने वाले कट्टरपंथी पायलट का पहले से था जिहादी लिंक

राम माधव ने कहा- मोदी-धामी सरकार में अभूतपूर्व विकास, 60 पार बहुमत का लक्ष्य

भारत सरकार ने लद्दाख की 28 जगहों के आधिकारिक नाम तय किए, अक्साई चिन भी शामिल

Iran recloses strait of hormuz

होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल का निर्यात बढ़ा, हमलों के बावजूद टैंकरों की आवाजाही जारी

एम्नेस्टी रिपोर्ट: 2022 के विरोध प्रदर्शनों में 95 कुर्द प्रदर्शनकारियों की गैरकानूनी हत्या

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में स्मित मच्छार पर हमाम अलहमामी ने किया था हमला, विमान गिराने की कोशिश विफल

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies