नई दिल्ली । भारत द्वारा पाकिस्तान में की गई सटीक और रणनीतिक सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर नए सबूत सामने आए हैं। पाकिस्तान के बहावलपुर इलाके में स्थित एक कब्रिस्तान से जैश-ए-मोहम्मद के 21 आतंकियों की कब्रों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन कब्रों में मारे गए आतंकियों में संगठन प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के नजदीकी और कुछ परिजन भी शामिल हैं।
पाकिस्तान से आई ये तस्वीरें ऑपरेशन सिंदूर की विश्वसनीयता को मजबूती से स्थापित करती हैं और इस बात की पुष्टि करती हैं कि भारत ने न केवल आतंकियों को निशाना बनाया, बल्कि उनके शीर्ष नेतृत्व को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया।
जैश के ऑपरेटिव ने खुद साझा कीं तस्वीरें
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑपरेटिव ने ही इन कब्रों की तस्वीरें फेसबुक पर साझा की हैं। इनमें मसूद अजहर के परिजनों की कब्रें भी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती हैं। वहीं एक वायरल वीडियो क्लिप्स में मसूद अजहर की आवाज भी सुनाई दे रही है, जो इस ऑपरेशन से संगठन को हुई गहरी चोट को दर्शाती है।
आतंकवाद पर बड़ा प्रहार ऑपरेशन सिंदूर
यह सैन्य कार्रवाई सीधे आतंकवाद के नेटवर्क की रीढ़ पर वार थी। नरेंद्र मोदी सरकार की रणनीति के तहत चलाए गए इस ऑपरेशन में आतंकवादियों के साथ-साथ उनके संरक्षकों को भी लक्षित किया गया। बहावलपुर के कब्रिस्तान में मौजूद कब्रें इस बात का प्रमाण हैं कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति अब और अधिक निर्णायक और आक्रामक हो चुकी है।
जैश-ए-मोहम्मद को भारी नुकसान
ऑपरेशन सिंदूर ने जैश-ए-मोहम्मद जैसे खूंखार आतंकी संगठन को बड़ा झटका दिया है। इस कार्रवाई के बाद संगठन का संचालन ढांचा काफी हद तक कमजोर हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ऑपरेशन जैश के रणनीतिक केंद्रों को ध्वस्त करने में प्रभावी रहा और इससे उनके नेटवर्क की ताकत पर बड़ा असर पड़ा है।
बहावलपुर की कब्रों की तस्वीरें अब प्रतीक बन गई हैं उस संकल्प की, जिसमें भारत आतंक के हर स्वरूप को जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है।

















