नई दिल्ली । इस वर्ष की हज यात्रा के दौरान सऊदी अरब में भीषण गर्मी के चलते मरने वाले हज यात्रियों की संख्या 1000 के पार हो गई है। समाचार एजेंसी ‘एएफपी’ ने एक राजनयिक के हवाले से बताया है कि मरने वालों में अधिकांश गैर-पंजीकृत हज यात्री शामिल हैं।इनमें से 600 से अधिक मृतक मिस्र के नागरिक थे।
गैर-पंजीकृत हज यात्रियों की समस्या
इस साल की हज यात्रा में गैर-पंजीकृत हज यात्रियों की संख्या भी काफी अधिक थी। जिस वजह से इन्हें आधिकारिक हज यात्रियों के समान सुविधाएं नहीं मिल पाई, जिससे उनकी स्थिति और भी गंभीर हो गई। राजनयिक ने बताया कि गैर-पंजीकृत हज यात्री आमतौर पर वीजा नियमों का पालन नहीं करते और कई बार असंगठित तरीकों से यात्रा करते हैं, जिससे उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पातीं।
स्वास्थ्य सेवाओं की कमी
हज के दौरान मक्का में स्वास्थ्य सेवाओं की मांग बढ़ गई थी, लेकिन उपलब्ध संसाधनों की कमी के कारण सभी यात्रियों को समय पर चिकित्सा सेवाएं प्रदान नहीं की जा सकीं। हालांकि सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए कि अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें, लेकिन स्थिति की गंभीरता के कारण यह संभव नहीं हो सका।
मिस्र के यात्रियों की अधिक संख्या
मृतकों में मिस्र के यात्रियों की अधिक संख्या ने मिस्र सरकार को भी चिंता में डाल दिया है। मिस्र के अधिकारियों ने अपने नागरिकों के लिए सऊदी अरब सरकार के साथ मिलकर स्थिति की जांच करने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के उपायों पर काम करने का आश्वासन दिया है।
सऊदी सरकार की प्रतिक्रिया
सऊदी अरब सरकार ने इस गंभीर स्थिति पर दुख जताया है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। सऊदी हज मंत्रालय ने कहा है कि वे हज यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और भी कठोर नियम लागू करेंगे। साथ ही, गैर-पंजीकृत हज यात्रियों की समस्या को सुलझाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।













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