भारत में पहली बार पकड़े गए जिहादी ड्रग्स के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जिहादी ड्रग्स की खेप पहले दिल्ली से बरामद हुई, इसके बाद जांच गुजरात तक पहुंची। मामले में सीरिया के नागरिक को पकड़ा गया है। एनसीबी को यह सूचना मिली थी कि भारत का उपयोग कैप्टागन यानी जिहादी ड्रग्स के ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में किया जा रहा है। एनसीबी ने दिल्ली के नेब सराय इलाके में एक मकान की पहचान की।
सऊदी अरब भेजा जाना था ड्रग्स
11 मई को एनसीबी ने मकान पर छापा मारा। वहां रोटी कटिंग मशीन के अंदर जिहादी ड्रग्स को छिपाकर रखा गया था। वहां से 31.5 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट बरामद हुईं, जिसे जेद्दा, सऊदी अरब भेजा जाना था।
अवैध तरीके से रह रहा था सीरियाई नागरिक
एनसीबी को प्राथमिक जांच में पता चला कि सीरिया का एक नागरिक 15 नवंबर 2024 को भारत आया था और उसका वीजा 12 जनवरी 2025 को समाप्त हो गया। इसके बाद भी वह यहां अवैध रूप से रह रहा था। उसने नेब सराय में मकान किराए पर लिया था। एनसीबी के अधिकारियों ने उसे मौके से दबोच लिया।
गुजरात के मुंद्रा पहुंची एनसीबी की टीम
आरोपी से पूछताछ के बाद 14 मई 2026 को गुजरात के मुंद्रा स्थित कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन (CFS) में एक कंटेनर को जब्त किया गया। बताया गया था कि यह कंटेनर भेड़ की ऊन से भरा है और यह सीरिया से आया था। कंटेनर की तलाशी के दौरान तीन बैगों में छिपाकर रखे गए 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद हुआ।
227 किलो से ज्यादा जिहादी ड्रग्स मिला
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि जब्त खेप को खाड़ी क्षेत्र, विशेषकर सऊदी अरब और अन्य मध्य-पूर्व देशों में भेजा जाना था। इन देशों में कैप्टागन का दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय है। ऑपरेशन RAGEPILL के तहत कुल लगभग 227.7 किलोग्राम कैप्टागन/ पाउडर जब्त किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ₹182 करोड़ आंकी गई है।
भारत में पहली बार कैप्टागन जब्त
भारत में पहली बार कैप्टागन को जब्त किया गया है। अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स द्वारा भारत को ट्रांजिट हब के रूप में इस्तेमाल करने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। इस ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय खुफिया साझेदारी और कानून प्रवर्तन सहयोग मिला। यह कार्रवाई यह भी बताती है कि विभिन्न देशों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की पहचान, रोकथाम और ध्वस्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं तथा दुनिया भर की ड्रग प्रवर्तन एजेंसियां किस प्रकार मिलकर ऐसे नेटवर्क को खत्म कर सकती हैं।
मुंबई से मिली थी 349 किलो कोकीन
यह जब्ती हाल ही में मुंबई में एनसीबी द्वारा की गई एक अन्य बड़ी कार्रवाई के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है, जिसमें इक्वाडोर से आए कंटेनर में छिपाकर रखी गई 349 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बरामद की गई थी। यह इस बात को उजागर करता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के लिए व्यावसायिक कार्गो और कंटेनर आधारित व्यापार मार्गों का दुरुपयोग बढ़ रहा है।
एनसीबी कर रही गहराई से जांच
एनसीबी ने खरीद के स्रोत, वित्तीय एवं हवाला लिंक, लॉजिस्टिक्स सुविधा प्रदाताओं, अंतरराष्ट्रीय रिसीवरों तथा ड्रग सिंडिकेट से जुड़े व्यापक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पहचान के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
नागरिकों से अपील
एनसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि वे मादक पदार्थों से संबंधित किसी भी सूचना को MANAS हेल्पलाइन (टोल-फ्री: 1933) पर साझा करें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।

















