राजद्रोह कानून होगा खत्म, गृहमंत्री अमित शाह का लोकसभा में एलान
October 16, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Copy
    • Subscribe & Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Copy
    • Subscribe & Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत दिल्ली

राजद्रोह कानून होगा खत्म, गृहमंत्री अमित शाह का लोकसभा में एलान

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राजद्रोह को पूरी तरह से समाप्त करने जा रही है क्योंकि भारत में लोकतंत्र है और सबको बोलने का अधिकार है।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Aug 12, 2023, 02:32 pm IST
inदिल्ली
अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री

अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लोकसभा में एलान किया है कि राजद्रोह कानून को खत्म किया जा रहा है, इसे लेकर सरकार की तरफ से एक प्रस्ताव पेश किया गया। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 लोकसभा में चर्चा के लिए पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये तीनों कानून दंड देने को नहीं, बल्कि न्याय दिलाने के लिए लाए गए हैं।

गृह मंत्री शाह ने कहा कि इन तीनों विधेयकों में क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के लिए मूलभूत कानून हैं। इंडियन पीनल कोड, 1860, क्रिमिनल प्रोसीजर कोड, (1898), 1973 और इंडियन एवीडेंस एक्ट, 1872 में अंग्रेजों द्वारा बनाए गए और अंग्रेजी संसद द्वारा पारित किए गए इन तीनों कानूनों को समाप्त कर आज हम तीनों नए कानून लाए हैं। इंडियन पीनल कोड 1860 की जगह भारतीय न्याय संहिता 2023 स्थापित होगा, क्रिमिनल प्रोसीजर कोड 1898 की जगह अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और इंडियन एवीडेंस एक्ट, 1872 की जगह भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 स्थापित होगा।

अंग्रेजी शासन को मज़बूत करने के लिए बनाए गए थे तीनों कानून
गृह मंत्री शाह ने कहा कि समाप्त होने वाले ये तीनों कानून अंग्रेजी शासन को मज़बूत करने और उसकी रक्षा करने के लिए बनाए गए थे और उनका उद्देश्य दंड देने का था, न्याय देने का नहीं था, इन दोनों मूलभूत चीज़ों को हम परिवर्तन करने जा रहे हैं। इन तीनों कानूनों को रिप्लेस कर आने वाले तीन नए कानूनों की आत्मा होगी, भारतीय नागरिकों को संविधान द्वारा दिए गए सभी अधिकारों की रक्षा करना। इन कानूनों का उद्देश्य किसी को दंड देना नहीं बल्कि न्याय देना होगा और इस प्रक्रिया में दंड वहीं दिया जाएगा, जहां अपराध रोकने की भावना पैदा करने की जरूरत है।

क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में आएगा बड़ा परिवर्तन
गृह मंत्री शाह ने लोकसभा को आश्वस्त किया कि 1860 से 2023 तक अंग्रेजी संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के आधार पर इस देश का क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम चलता रहा, अब इन तीनों कानूनों की जगह भारतीय आत्मा के साथ ये तीन कानून स्थापित होंगे। जिससे हमारे क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में बहुत बड़ा परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि अभी के कानूनों में मानव हत्या या स्त्री के साथ दुराचार जैसे जघन्य अपराधों को बहुत नीचे रखा गया और राजद्रोह, खजाने की लूट शासन के अधिकारी पर हमले जैसे अपराधों को इनसे ऊपर रखा गया। उन्होंने कहा कि इस अप्रोच को हम बदल रहे हैं और इन नए कानूनों में सबसे पहला चैप्टर महिलाओं और बच्चों के साथ अपराध पर होगा। दूसरा चैप्टर मानव वध और मानव शरीर के साथ होने वाले अपराधों पर होगा। हम शासन की जगह नागरिक को केन्द्र में लाने का बहुत बड़ा सैद्धांतिक निर्णय कर ये कानून लाए हैं।

इन कानूनों के लिए किया गया व्यापक परामर्श
उन्होंने कहा कि इन कानूनों को बनाने के लिए हर जगह व्यापक परामर्श किया गया है। गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने अगस्त 2019 में सर्वोच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीशों, देश के सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और देश के सभी कानून विश्वविद्यालयों को पत्र लिखे थे। वर्ष 2020 में सभी सांसदों, मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों और संघशासित प्रदेशों के प्रशासकों को पत्र लिखे गए। इसके बाद व्यापक कंसल्टेशन के बाद आज ये प्रक्रिया कानून बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि 18 राज्यों, 6 संघशासित प्रदेशों, सुप्रीम कोर्ट, 16 हाई कोर्ट, 05 न्यायिक अकादमी, 22 विधि विश्वविद्यालय, 142 सांसद, लगभग 270 विधायकों और जनता ने इन नए कानूनों पर अपने सुझाव दिए हैं। शाह ने कहा कि 4 सालों तक इन पर गहन विचार विमर्श किया गया है और वे स्वयं 158 बैठकों में उपस्थित रहे हैं।

कई धाराएं जोड़ी गईं तो कई को किया गया निरस्त
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, जो सीआरपीसी को रिप्लेस करेगी जिसमें अब 533 धाराएं रहेंगी, 160 धाराओं को बदल दिया गया है, 9 नई धाराएं जोड़ी गई हैं और 9 धाराओं को निरस्त किया गया है। भारतीय न्याय संहिता, जो आईपीसी को रिप्लेस करेगी, में पहले की 511 धाराओं के स्थान पर अब 356 धाराएं होंगी, 175 धाराओं में बदलाव किया गया है, 8 नई धाराएं जोड़ी गई हैं और 22 धाराओं को निरस्त किया गया है। भारतीय साक्ष्य विधेयक, जो एवेडेंस एक्ट रिप्लेस करेगा, इसमें पहले की 167 के स्थान पर अब 170 धाराएं होंगी, 23 धाराओं में बदलाव किया गया है, एक नई धारा जोड़ी गई है और 5 धाराएं निरस्त की गई हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राजद्रोह को पूरी तरह से समाप्त करने जा रही है क्योंकि भारत में लोकतंत्र है और सबको बोलने का अधिकार है। पहले आतंकवाद की कोई व्याख्या ही नहीं होती थी, लेकिन अब अलगाव, सशस्त्र विद्रोह, विध्वंसक गतिविधियां, अलगाववाद, भारत की एकता, संप्रभुता और अखंडता को चुनौती देने जैसे अपराधों की पहली बार इस कानून में व्याख्या की गई है और इससे जुड़ी संपत्तियों को ज़ब्त करने का अधिकार भी दिया गया है। जांचकर्ता पुलिस अधिकारी के संज्ञान पर कोर्ट इसका आदेश देगा।

(सौजन्य सिंडिकेट फीड)

Topics: अमित शाह का एलानsedition law will endअमित शाहAmit Shah's announcementAmit Shahराजद्रोहराजद्रोह कानूनUnion Home Ministerseditionकेन्द्रीय गृह मंत्रीsedition lawराजद्रोह कानून होगा खत्म
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह। (फाइल फोटो, एएनआई)

जब स्कूटर पर घूम-घूमकर मोदी-शाह ने लिखी थी जीत की पटकथा: गांधीनगर से केरलम तक ऐसे बदलता गया भाजपा का सियासी नक्शा

दीप प्रज्वलित कर श्री अशोक सिंहल जन्मशताब्दी वर्ष का श्रीगणेश करते महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद गिरि जी महाराज। साथ में हैं बाएं से श्री अमित शाह, श्री आलोक कुमार, श्री दत्तात्रेय होसबाले और श्री महेश भागचंदका

संगठन शिल्पी की शताब्दी

Mahanadi Water Dispute Meeting Amit Shah Vishnu Deo Sai Mohan Charan Majhi Panchjanya

महानदी जल विवाद सुलझाने में जुटे अमित शाह: छत्तीसगढ़-ओडिशा के CM संग बैठक, साय बोले- ‘किसी की हार न हो’!

अशोक सिंहल जन्मशताब्दी वर्ष समारोह का उद्घाटन करते केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और परमपूज्य महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद गिरि जी महाराज। साथ में अन्य गणमान्य।

श्री अशोक सिंहल में संकल्पों को संगठित और सतत कार्य में बदलने की अद्भुत क्षमता थी : दत्तात्रेय होसबाले 

VHP Ashok Singhal Centenary Year Programs Bharat Mandapam Amit Shah Panchjanya

अशोक सिंहल जन्मशताब्दी: VHP ने किया कार्यक्रमों का ऐलान- सेवा, समरसता, हिन्दू सशक्तिकरण और मंदिर मुक्ति पर रहेगा फोकस!

देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र

UCC : महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी

Load More

ताज़ा समाचार

हूतियों ने यमन में राष्ट्रपति भवन को बनाया निशाना

यमन में राष्ट्रपति भवन परिसर पर हूती का मिसाइल हमला, दो सुरक्षाकर्मियों की मौत

भारत निर्वाचन आयोग

17 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों में होगा SSR, देखें राज्यों की लिस्ट

भूमिपूजन करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

प्रयागराज का कसारी-मसारी अब होगा ‘श्रीकृष्णपुरी’ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

प्रम्बानन के मंदिरों का निर्माण

प्रम्बानन मंदिर : इंडोनेशिया की पाषाण कला में रामायण

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (बाएं), दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त (मध्य) और यानिव रेवाच (दाएं)।

संघ का विजयादशमी उत्सव: दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त मुख्य अतिथि, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आमंत्रित

आतंकवाद पर प्रहार जरूरी

हुमायूं कबीर

पश्चिम बंगाल का बदलता मिजाज : सब दिन होत न एक समान

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (प्रतीकात्मक तस्वीर)

JNU यौन उत्पीड़न केस: ABVP का कांग्रेस-लेफ्ट पर बड़ा आरोप, कहा- आरोपी को बचाने की हो रही कोशिश?

CJP प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा

अभिजीत दिपके-नेहा बोरा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा लोगों ने क्यों लगाए दफा हो जाओ के नारे?

गृह मंत्रालय

बिना शर्त माफी पर बोला गृह मंत्रालय : अवमानना हलफनामे में माफी मांगना अनिवार्य अदालती प्रक्रिया, स्वीकारोक्ति नहीं

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies