'आज का युग युद्ध का नहीं', पीएम मोदी की इस टिप्पणी को जी-20 संयुक्त घोषणा पत्र में दी गई प्रमुखता
August 28, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

‘आज का युग युद्ध का नहीं’, पीएम मोदी की इस टिप्पणी को जी-20 संयुक्त घोषणा पत्र में दी गई प्रमुखता

व्हाइट हाउस ने की जमकर तारीफ, कहा-भारत की भूमिका महत्वपूर्ण

Written byPanchjanyaPanchjanya
Nov 19, 2022, 10:31 am IST
inविश्व
बाली में जी 20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी।

बाली में जी 20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी।

वाशिंगटन। यूक्रेन-रूस संघर्ष की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी ‘आज का युग युद्ध का नहीं है’ को जी-20 शिखर सम्मेलन की संयुक्त घोषणा पत्र में प्रमुखता से जोड़ा गया है। वहीं, व्हाइट हाउस ने भी पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। यह भी कहा कि भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री का यह संदेश इंडोनेशिया के बाली में जी-20 संयुक्त घोषणा के निष्कर्ष का अहम हिस्सा बन गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव काराइन जीन पियरे ने ब्रीफिंग में कहा कि अमेरिका मानता है कि जी-20 शिखर सम्मेलन सफल रहा। पियरे ने सम्मेलन की सफलता में राष्ट्रपति जो बाइडेन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो की भूमिका को रेखांकित किया। पियरे ने कहा- ‘हमने जी-20 शिखर सम्मेलन सफल किया। राष्ट्रपति बाइडन ने मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति से बात की। भारत ने शिखर सम्मेलन की घोषणा पर बातचीत करन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोदी ने स्पष्ट किया कि आज का युग युद्ध का नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन-रूस संघर्ष की पृष्ठभूमि में इस साल सितंबर में समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के इतर एक द्विपक्षीय बैठक में पुतिन को दिए अपने बयान में भी कहा था- ‘आज का युग युद्ध का नहीं है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव पियरे ने खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा चुनौतियों को दूर करने में मोदी की भूमिका की भी सराहना की और भारत के जी20 प्रेसीडेंसी के लिए अमेरिकी समर्थन को दोहराया। जीन पियरे ने कहा- ‘हमने मौजूदा खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा चुनौतियों और एक लचीली वैश्विक अर्थव्यवस्था के निर्माण के प्रयासों को गंभीरता से लिया है। हम अगले साल भारत के जी-20 अध्यक्ष का समर्थन करने के लिए तत्पर हैं।’

उल्लेखनीय है कि बाली जी-20 शिखर सम्मेलन के बाद अब सभी की निगाहें भारत पर हैं। अगले साल नई दिल्ली अपने एजेंडे में वैश्विक दक्षिण और उन्नत दोनों देशों के बीच बेहतर सहयोग का माहौल तैयार करेगी। एजेंडा संभावित रूप से साझा वैश्विक शांति और समृद्धि और उभरती वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए क्षमता निर्माण के लिए सतत और समान विकास के लिए सहयोग होगा।

यह है बाली जी-20 संयुक्त घोषणा

बाली जी-20 संयुक्त घोषणा के अनुसार- ‘शांति और स्थिरता की रक्षा करने वाले अंतरराष्ट्रीय कानून और बहुपक्षीय प्रणाली को बनाए रखना आवश्यक है। इसमें संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में निहित उद्देश्यों और सिद्धांतों की रक्षा करना और सशस्त्र संघर्षों में नागरिकों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सहित अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करना शामिल है। आज का युग युद्ध का नहीं होना चाहिए।’

Topics: आज का युगयुद्ध नहींसंयुक्त घोषणा पत्रव्हाइट हाउसभारत की भूमिकापीएम मोदीPM Modiजी-20G-20Joint DeclarationComment
Share22
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह

बालेन्द्र शाह ने PM मोदी को क्यों कहा धन्यवाद? संकट की घड़ी में भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

PM Narendra

नेपाल में बाढ़: प्रधानमंत्री मोदी ने बालेंद्र शाह से की बात, भारत जल्द भेजेगा राहत सामग्री, इमरजेंसी नंबर जारी

सौरव दास

Fact Check: PM मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ बयान को CJP के सौरव दास ने भ्रामक तरीके से पेश किया

P Chidambaram congress

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम बोले ‘मुझे गर्व है कि मैं दिमागी नक्सली हूं’

‘नक्सलवाद खत्म, दिमागी नक्सल बाकी’: पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से किए बड़े ऐलान

नांदेड़ गुरुद्वारे में सुखबीर सिंह बादल पर निहंग का हमला, हाथ में तीन टांके; पीएम मोदी ने फोन कर पूछा हालचाल

Load More

ताज़ा समाचार

मनसे नेता अमित ठाकरे की हिंदी भाषियों को धमकी: हिंदी बोलने वाले ऑटो चालकों की पिटाई होगी, मराठी में बात करने को कहा

अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में देश की एकता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, अलगाववादी नारों पर सख्त कार्रवाई: शुभेंदु अधिकारी

नेपाल ने विदेशी खोज-बचाव टीमें ठुकराईं, 517 विदेशी नागरिक लापता

आज का श्लोक : न संघरुपिणी ज्ञेया सेना बाह्यानुशासना।

आज का राशिफल

28 अगस्त राशिफल: मेष से मीन तक जानें आज का दिन कैसा रहेगा?

आज का इतिहास

28 अगस्त का इतिहास: हाजीपीर दर्रे की जीत से पी.वी. सिंधु के विश्व चैम्पियनशिप रजत तक, जानें इस दिन की घटनाएं

28 अगस्त का पंचांग

28 अगस्त पंचांग: शुक्रवार को सूर्य-चंद्र समेत सभी ग्रहों की स्थिति, जानें लग्नारंभ समय और दिशाशूल

नेपाल में आई भयंकर बाढ़

Nepal floods : नेपाल में आई भयंकर बाढ़ के लिए निर्वासित तिब्बती सरकार ने चीन को ठहराया जिम्मेदार

नेपाल में बाढ़

हिमालय को जीतने की नहीं, समझने की जरूरत

प्रतीकात्मक चित्र

बारावफात जुलूस में रियाज ने लाउडस्पीकर पर बजाया  ‘सर तन से  जुदा’, हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का किया अपमान

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies