Archive अकड़ इटली कीसर्वोच्च न्यायालय ने लगाई राजदूत के भारत छोड़ने पर रोक, गृहमंत्रालय ने जारी किया अलर्ट
Archive स्वामी चिद्भवानन्द जी चेन्नै में रामकृष्ण मिशन के संन्यासी थे। प्रारम्भ में संघ के बारे में उनकी अच्छी धारणा नहीं थी, किन्तु उन्होंने मई, 1980 के संघ शिक्षा वर्ग, चेन्नै के समापन समारोह में अपनी धारणा में सुधार करते हुए यह उद्गार प्रकट किया, 'हे युवको! तुम सब सौभाग्यशाली हो, क्योंकि तुम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शिविर में जो प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हो यह बिल्कुल वही है जिसकी स्वामी विवेकानन्द ने मानव-निर्माण के लिए तथा प्रत्येक व्यक्ति में सच्चरित्रता, अनुशासन, देश तथा देशवासी के प्रति प्रेम के संचार के लिए संकल्पना की थी।' आगे उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास हो गया है कि स्वामी जी की व्यक्ति-निर्माण की योजना को संघ साकार रूप दे रहा है। यह स्वामी जी का कार्य है, ईश्वरीय कार्य है।
Archive संतई पर सवालविदेशी शोधाथिर्यों के अध्ययन से उठा आवरण,सामने आया ममतामयी मूरत का एक अलग ही चेहरा