Archive भारत के रक्षा मंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा को चाक-चौबंद बनाने के लिए कमर कसे हैं। पहले रक्षा उपकरणों की कमी की चर्चा अक्सर सुनाई देती थी लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। रक्षा खरीद से लेकर सैन्य प्रबंधन तक यह बदलाव तेज और साफ है। भारत की रक्षा चुनौतियों और उनसे निपटने में देश की सामर्थ्य सहित रक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य तमाम मुद्दों पर पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर और ऑर्गेनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से विस्तृत बातचीत की, जिसके प्रमुख अंश यहां प्रस्तुत हैं-
Archive भारत के रक्षा मंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा को चाक-चौबंद बनाने के लिए कमर कसे हैं। पहले रक्षा उपकरणों की कमी की चर्चा अक्सर सुनाई देती थी लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। रक्षा खरीद से लेकर सैन्य प्रबंधन तक यह बदलाव तेज और साफ है। भारत की रक्षा चुनौतियों और उनसे निपटने में देश की सामर्थ्य सहित रक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य तमाम मुद्दों पर पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर और ऑर्गेनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से विस्तृत बातचीत की, जिसके प्रमुख अंश यहां प्रस्तुत हैं-