कारंजा (बालाघाट)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक बालासाहेब देवरस और ज्येष्ठ प्रचारक भाऊराव देवरस की पैतृक भूमि कारंजा में नेत्रालय खुलेगा, जिसका लाभ मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र दोनों राज्यों के दो प्रमुख जिलों के साथ कई अन्य आसपास के ग्रामों को मिलेगा।
इस भव्य लोकार्पण समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी मुख्य रूप से उपस्थित रहकर इसका शुभारंभ करेंगे।
इस संबंध में न्यास के सचिव सचिन अग्रवाल ने सोमवार को बताया कि बालासाहेब एवं भाऊराव देवरस सेवान्यास के तत्वावधान में गांव में नवनिर्मित स्मृति भवन तथा माधव नेत्रालय द्वारा संचालित बालासाहेब देवरस नेत्रालय का लोकार्पण मंगलवार, छह अक्टूबर को दोपहर 2.30 बजे प्रारंभ होगा।

निमंत्रण का मूल भाव “राष्ट्र सेवा ही परम धर्म” है, जो देवरस बंधुओं के जीवन और कार्य का भी सार रहा है। उन्होंने बताया कि यहां पहले से सिलाई मशीनों द्वारा मातृशक्ति को ट्रेनिंग देने का कार्य चल रहा है, और अब नेत्र सेवा भी आरंभ हो जाएगी जिससे मप्र के बालाघाट एवं महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा.
दो भवन, दो उद्देश्य: स्मृति और सेवा
इस अवसर पर सेवान्यास के अध्यक्ष डॉ. पवन स्थापक और उपाध्यक्ष अरविंद मार्डीकर ने न्यासी मंडल की ओर से सभी से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि कारंजा में बने दोनों भवन अलग-अलग उद्देश्यों को पूरा करेंगे। स्मृति भवन बालासाहेब और भाऊराव देवरस के जीवन, विचार और संघ कार्य के प्रति उनके समर्पण की स्मृतियों को सहेजने का केंद्र होगा, जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्थल बनेगा।
“क्षेत्र के ग्रामीण और वनांचल में रहने वाले लोगों को नेत्र उपचार के लिए अब तक बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। नेत्रालय शुरू होने से उन्हें अपने ही क्षेत्र में उपचार की सुविधा मिलने से समय, खर्च और परेशानी में बड़ी कमी आएगी।” — अरविंद मार्डीकर, उपाध्यक्ष, सेवान्यास
महाकोशल और विदर्भ से जुटेंगे गणमान्य नागरिक
कार्यक्रम से जुड़े मुख्य बिंदु:
- लोकार्पण तिथि: मंगलवार, 6 अक्टूबर को दोपहर 2:30 बजे से भव्य शुभारंभ।
- लाभार्थी क्षेत्र: मध्य प्रदेश का बालाघाट और महाराष्ट्र का गोंदिया जिला तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र।
- प्रेरणा स्रोत: बालासाहेब देवरस (तृतीय सरसंघचालक) और भाऊराव देवरस (ज्येष्ठ प्रचारक) की पावन स्मृति।
- उपस्थिति: महाकोशल और विदर्भ प्रांत से बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, समाजसेवी और ग्रामीणजन होंगे शामिल।
बालाघाट जिले के लिए यह आयोजन कई मायनों में ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण है। इससे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवा की एक बड़ी सौगात मिलेगी।

















