कुरनूल। श्रद्धेय अशोक सिंहल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर कुरनूल शहर के वेंकटरमणा कॉलोनी स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी कल्याण मंडप में रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को “विशिष्ट जन सम्मेलन” का भव्य आयोजन किया गया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि, केंद्रीय संयुक्त महामंत्री श्री कोटेश्वर शर्मा जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि श्रद्धेय अशोक सिंहल जी ने हिन्दू समाज के सशक्तिकरण और संगठन के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने विश्व हिन्दू परिषद के विस्तार के साथ-साथ समाज में युगांतकारी परिवर्तन लाने के उद्देश्य से विभिन्न आयामों और विभागों की नींव रखी।

‘धर्म संसद’ और ‘सामाजिक समरसता विभाग’ की स्थापना
श्री कोटेश्वर शर्मा जी ने बताया कि ‘धर्म संसद’ और संतों के सम्मेलनों के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि समस्त हिन्दू एक समान हैं; प्राचीन हिन्दू समाज में जातिभेद और अस्पृश्यता जैसी कुरीतियां नहीं थीं। गुलामी के कालखंड में पनपी इस छुआछूत की कुप्रथा को समाप्त करने के लिए उन्होंने ‘सामाजिक समरसता विभाग’ का गठन किया। इसी प्रकार, हिन्दू धर्म छोड़कर अन्य मतों में चले गए बंधुओं की घर-वापसी के लिए ‘धर्म प्रसार विभाग’ और वैदिक ज्ञान की रक्षा हेतु ‘वेद विद्यालयों’ की स्थापना की।
“अयोध्या आंदोलन का सफल नेतृत्व कर श्री राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर के निर्माण में सिंघल जी की अग्रणी भूमिका रही। आज समाज में ‘पंच परिवर्तन’ का होना अत्यंत आवश्यक है।” — कोटेश्वर शर्मा, केंद्रीय संयुक्त महामंत्री

पारिवारिक मूल्यों और जीवन आचरण पर जोर
सम्मेलन के प्रमुख बिंदु:
- जीवन मूल्य: वर्तमान में हिन्दू समाज पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों में आगे है, परंतु ‘सत्य वचन’ जैसे जीवन मूल्यों के वास्तविक आचरण में सुधार की आवश्यकता है।
- परिवार व्यवस्था: भारत की आत्मा परिवार व्यवस्था में निहित है, जो आज कमजोर पड़ती दिख रही है। इसे पुनः सशक्त करना होगा।
- शताब्दी संकल्प: अशोक सिंहल जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर समाज को संगठित करने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया।

इस अवसर पर स्थानीय प्रबुद्ध जन और बड़ी संख्या में राम भक्त उपस्थित रहे, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण और सामाजिक समरसता के संकल्प को दोहराया।














