नई दिल्ली। अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर लगातार हो रही तोड़फोड़ और हमलों को अब सामान्य वैंडलिज्म मानकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। रिचमंड हाइट्स, ओहायो के श्री स्वामीनारायण वड़तालधाम मंदिर पर 2 अक्टूबर को उस समय ईंटें फेंकी गईं जब मंदिर में पुजारी और श्रद्धालु भी मौजूद थे; खिड़कियाँ टूट गईं और CCTV फुटेज जाँच के लिए उपलब्ध हैं, किंतु स्थानीय शासन प्रशासन मौन है।
यह बातें विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने अमेरिका में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज दुनिया के किसी भी हिस्से में अपने धार्मिक सांस्कृतिक व पूजा स्थलों पर हमले चुपचाप स्वीकार नहीं करेगा।
अमेरिका में पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी कई घटनाएं
स्मरण रहे कि यह कोई पहली या अकेली घटना नहीं है, बल्कि पिछले दिनों भी अमेरिका में हिंदू मंदिरों व भारतीय सांस्कृतिक केंद्रों को निशाना बनाए जाने की कई घटनाएं सामने आई हैं:
- अगस्त 2022: न्यूयॉर्क के क्वींस स्थित श्री तुलसी मंदिर परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया था।
- दिसंबर 2023: कैलिफोर्निया के नेवार्क स्थित SMVS श्री स्वामीनारायण मंदिर में आपत्तिजनक नारे लिखे गए थे।
- सितंबर 2024: न्यूयॉर्क के मेलविले और कैलिफोर्निया के कुछ BAPS मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं।
- मार्च 2025: कैलिफोर्निया के चीनो हिल्स स्थित BAPS मंदिर को भी घृणास्पद संदेश लिखकर बदरंग किया गया।
- अन्य मामले: यूटा के Spanish Fork में मंदिर पर गोलीबारी, इंडियाना के Greenwood में मंदिर के साइन पर घृणास्पद संदेश, और नॉर्थ कैरोलाइना के Cary में मंदिर की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएँ जग जाहिर हैं।
वीएचपी प्रवक्ता द्वारा उठाए गए गंभीर प्रश्न
इस पूरी स्थिति पर सवाल उठाते हुए विनोद बंसल ने तीखे प्रश्न किए हैं:
• हिंदू मंदिरों को बार-बार निशाना बनाए जाने के बाद भी अमेरिका आखिर कब जागेगा?
• बात बात पर भारत विरोधी झूठ परोसने वाला USCIRF क्या इस सच्चाई पर भी कभी अपना मुँह खोलेगा?
• अमेरिका में घृणा फैलाने वाले हिंदू द्रोहियों और धार्मिक हमलावरों पर कार्रवाई, निष्पक्ष जाँच, दोषियों की गिरफ्तारी और मंदिर सुरक्षा के लिए ठोस प्रोटोकॉल कब लागू होंगे?
अमेरिकी प्रशासन से आग्रह किया गया है कि वह हिंदू मंदिरों की सुरक्षा को गंभीरता से ले और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए।















