कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने फेक न्यूज फैलाई है। यह भ्रामक खबर चुनाव आयोग से ही संबंधित है, जिसके मुखिया ज्ञानेश कुमार का वह इस्तीफा मांग रहे हैं। यह फेक न्यूज सोशल मीडिया पर वायरल हुई और पीआईबी फैक्ट चेक ने इस झूठ को तार-तार कर दिया है।
चुनाव आयोग की 26 सितंबर 2026 की एक प्रेस रिलीज को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। X पर आशुतोष रांका की ओर से किए गए एक पोस्ट के बाद यह दावा सामने आया कि चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को जारी अपनी प्रेस रिलीज को बाद में हटा दिया। अब इस दावे पर PIB Fact Check ने स्थिति साफ कर दी है। PIB Fact Check ने बताया कि 26 सितंबर की चुनाव आयोग की प्रेस रिलीज़ अभी भी सार्वजनिक रिकॉर्ड में मौजूद है। यानी इसे हटाए जाने का दावा सही नहीं है। उसने अपने जवाब के साथ चुनाव आयोग के आधिकारिक X अकाउंट की पोस्ट भी साझा की है, ताकि लोग खुद इसकी जानकारी देख सकें।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए सवाल उठाया गया कि क्या चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को जारी की गई अपनी प्रेस रिलीज़ को बाद में डिलीट कर दिया था। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि चुनाव आयोग की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया को लेकर पहले से ही सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा चल रही है। ऐसे माहौल में किसी आधिकारिक प्रेस रिलीज के हटाए जाने की बात तेजी से फैल सकती है। हालांकि, PIB Fact Check ने इस दावे को खारिज किया है। 26 सितंबर को चुनाव आयोग की एक बैठक हुई थी। इसमें SIR से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की गई थी। बैठक के बाद जारी प्रेस रिलीज में मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने और सत्यापन की प्रक्रिया में होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई थी। जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हेल्प डेस्क और विशेष कैंप जैसी व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया गया था। यह प्रेस रिलीज चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक रूप से जारी की गई थी।
FAKE NEWS ALERT!
🔸The press release dated 26th September 2026 is available in the public domain and has not been taken down by the Election Commission of India.
🔗https://t.co/6Hoxv3meir🔎 Do not share unverified videos or claims.
Check information against credible,… pic.twitter.com/5zplJFNgSe— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) October 5, 2026
प्रेस रिलीज हटाए जाने के दावे के बाद PIB Fact Check ने स्पष्ट किया कि संबंधित प्रेस रिलीज सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है। इसके साथ चुनाव आयोग के आधिकारिक X अकाउंट की पोस्ट भी साझा की गई। इसका मतलब है कि उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर यह दावा करना सही नहीं है कि चुनाव आयोग ने 26 सितंबर की प्रेस रिलीज को डिलीट कर दिया।

















