नई दिल्ली: फ्लाईदुबई विमान को उड़ाने की कोशिश करने वाला आरोपी को-पायलट हामिद अल-हम्मामी का व्यवहार अजीब था। वह दिन में कई बार नमाज पढ़ता था और महिलाओं से हाथ तक नहीं मिलता था। उसके विचार चरमपंथी थे और वो आतंकी संगठन अल-कायदा के विचारों से भी प्रभावित था। अब उसके पाक कनेक्शन की जांच तेज हो गई है।
इस पूरे घटना को लेकर जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है कई नये खुलासे हो रहे हैं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को-पायलट हामिद अल-हम्मामी भले ही ओमान का नागरिक है लेकिन उसका जन्म पाकिस्तान में हुआ था। इसके कारण सुरक्षा एजेंसियां उसके पाकिस्तानी कनेक्शनों की गंभीरता से जांच कर रही हैं। इजरायल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने पाकिस्तान मीडिया पर इस खौफनाक आतंकी हमले की सच्चाई को दबाने और इसे मामूली विवाद का रूप देने का आरोप लगाया है। यूएई और इजरायल की सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी को पाकिस्तान में बैठे किसी कट्टरपंथी आका द्वारा ऑनलाइन ब्रेनवाश किया गया था?

जांच एजेंसियों और खुफिया रिपोर्टों से पता चला है कि आरोपी सह-पायलट का मकसद सिर्फ कैप्टन पर हमला करना नहीं था। वह विमान को सीधे इजरायल के सबसे व्यस्त बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर क्रैश कराना चाहता था। वो तेल अवीव के इस एयरपोर्ट को एक बड़े धमाके से उड़ाने की आत्मघाती योजना पर काम कर रहा था। इसलिए जब विमान इजरायल की सीमा के करीब पहुंच रहा था तभी उसने कॉकपिट पर पूरी तरह नियंत्रण करने की कोशिश की थी। उसका इरादा साफ था कि विमान को तेज रफ्तार से बेन गुरियन एयरपोर्ट के मुख्य टर्मिनल या रनवे पर सीधे क्रैश करा दिया जाए ताकि सैकड़ों बेकसूर लोगों की जान चली जाए। बता दें कि बेन गुरियन एयरपोर्ट को दुनिया का सबसे सुरक्षित एयरपोर्ट माना जाता है।















