भारत वीरों की भूमि है। भारतीय सपूत दुनिया को अपनी वीरता, निडरता और अदम्य साहस का लोहा मनवाते आये हैं। ऐसे ही एक भारतीय सपूत कैप्टन स्मित मच्छार का- इस समय पूरी दुनिया गुणगान कर रही है। भारत के इस जांबाज पायलट ने अपनी जान हथेली पर रखकर 9/11 जैसा हमला होने से असफल कर दिया। खून से लथपथ होने के बाद भी हौंसला नहीं हारे और दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाई।
कैप्टन स्मित मछार एक वीडियो में घायल दिख रहे हैं। चेहरे और शरीर पर कई चोटों के निशान हैं। लेकिन चेहरे पर सिकन तक नहीं दिख रही। कॉकपिट और आसपास खून ही खून दिख रहा है। वीडियो में कैप्टन स्मित कह रहे हैं ‘मेरा सिर दुख रहा है। दर्द हो रहा है। बहुत चुभ रहा है। तकिया लाकर दो। मुझे सोना नहीं है…।’ दुनिया के तमाम देशों के बड़े नेताओं ने स्मित मच्छार को एक सुर में हीरो बताया है। चाकुओं के वार से घायल होने के बाद भी उन्हें चिंता अपनी दर्द की नहीं है..अपने चोटों की नहीं है…वो विमार में सवार 174 यात्रियों को लेकर चिंतित रहे। वह होश में ही रहना चाहते थे ताकि यात्रियों की सुरक्षा कर सकें। जब यह घटना हुई उस समय फ्लाईदुबई का विमान FZ1073 30 हजार फीट की ऊंचाई पर था।

इसी दौरान कॉकपिट में मुस्लिम को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकुओं से हमला किया। हमले के बाद विमान की ऊंचाई अचानक तेजी से कम होने लगी और विमान चंद सेकेंड में हजारों फीट नीचे आ गया। घायल होने के बाद भी उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला और हमलावर को काबू में किया व प्लेन को क्रैश व हाइजैक होने से बचाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू व अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर प्रशंसा की है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि देश को कैप्टन स्मित मच्छार पर गर्व है। ट्रंप और नेतन्याहू ने उन्हें हीरो बताया है। देश व दुनिया के तमाम बड़े लीडर उनके जल्द ठीक होने की कामना कर रहे हैं। उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मंगलकामना के लिए श्री काशी विश्वनाथ धाम में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया जा रहा है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण साहस और मुश्किल समय में उनकी सूझबूझ की प्रशंसा की है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने साबित कर दिया कि असली हीरो सबसे मुश्किल समय में ही सामने आते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा की और कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने ऐसी हिम्मत दिखाई जिससे कई लोगों की जान बच गई। गुजरात सरकार ने कैप्टन स्मित मच्छार को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने की घोषणा की है।














