BRICS Summit 2026: PM मोदी का वैश्विक सुधारों पर जोर, कहा- विशेषाधिकार के पिरामिड को साझेदारी में बदलना होगा
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BRICS Summit 2026: PM मोदी का वैश्विक सुधारों पर जोर, कहा- विशेषाधिकार के पिरामिड को साझेदारी में बदलना होगा

अगले 20 वर्षों का खाका खींचते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम ब्रिक्स के भीतर अपनी एकता और आम सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदलें।

Written bySudhir Kumar PandeySudhir Kumar Pandey
Sep 12, 2026, 07:50 pm IST
inविश्व
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के उद्घाटन भाषण में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स के 20 साल होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के 20वें वर्ष का संकल्प होना चाहिए – आवाज से प्रभाव तक, विशेषाधिकार से साझेदारी तक।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लिए ब्रिक्स अध्यक्षता जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम के दृष्टिकोण पर आधारित है। लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता हमारी प्रमुख प्राथमिकताएं रही हैं। इन्हें ध्यान में रखते हुए, हमने ब्रिक्स सहयोग को आम लोगों के जीवन से अधिक निकटता से जोड़ने पर विशेष जोर दिया है। इसी सोच के साथ 350 से अधिक बैठकें आयोजित की गईं। हमने भारत के लगभग 30 शहरों में ब्रिक्स की टीमों का स्वागत किया। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को सफल बनाने में आपके सक्रिय योगदान और समर्थन के लिए मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूं।

सभी को साथ लेकर चलने का दृष्टिकोण

उद्घाटन भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष का ब्रिक्स शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। हम ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। मानव जीवन में, बीस वर्ष की आयु परिपक्वता और जिम्मेदारी के एक नए चरण की शुरुआत का प्रतीक है। यह वह अवस्था है जब सपनों के साथ जिम्मेदारियां भी आती हैं और क्षमताओं को नई दिशाओं में ले जाया जाता है। आज, ब्रिक्स भी एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। पिछले बीस वर्षों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है। हम एक-दूसरे के दृष्टिकोण का सम्मान करते हैं और आम सहमति से आगे बढ़ते हैं। हम एक ऐसे दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं जो किसी के भी विरुद्ध न हो, बल्कि सभी को साथ लेकर चले।

पीएम मोदी ने अगले 20 वर्षों का खाका खींचा

अगले 20 वर्षों का खाका खींचते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम ब्रिक्स के भीतर अपनी एकता और आम सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदलें। अगले बीस वर्षों के लिए, हमें एक नए और महत्वाकांक्षी एजेंडे पर काम करना होगा। हमें अपने स्वयं के कार्य प्रणालियों को मजबूत करके शुरुआत करनी होगी। ब्रिक्स की अध्यक्षता हर साल बदलती है, लेकिन इससे हमारी संस्थागत गति बाधित नहीं होनी चाहिए। मैं ब्रिक्स निरंतरता और कार्यान्वयन तंत्र की स्थापना का प्रस्ताव करता हूं। हम एक सुरक्षित डिजिटल स्टोर बना सकते हैं जिसमें प्रत्येक निर्णय के लिए नोडल प्वाइंट, समय-सीमा और कार्यान्वयन स्थिति दर्ज की जा सके।

विशेषाधिकार के पिरामिड को बदलना होगा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स को मजबूत करते हुए, हमें वैश्विक सुधार का मार्ग भी प्रशस्त करना होगा। वैश्विक शासन की वर्तमान संरचना एक पिरामिड की तरह है। शीर्ष पर सत्ता और निर्णय लेने की शक्ति केंद्रित है, जबकि निचले स्तर पर वे देश हैं जो इन निर्णयों से प्रभावित तो होते हैं, लेकिन निर्णय में इनकी भूमिका नगण्य होती है। वैश्विक संकटों में आज ग्लोबल साउथ सबसे आगे है, लेकिन निर्णय लेने में सबसे पीछे है। हमें इस “विशेषाधिकार के पिरामिड” को “साझेदारी के मंच” में बदलना होगा, जहाँ प्रत्येक देश को अपनी बात रखने का अधिकार हो, प्रत्येक सदस्य की हिस्सेदारी हो, और मानवता की उन्नति प्रत्येक प्रयास के केंद्र में रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सुधार रोडमैप रखा, जिसमें तीन प्रमुख पहलुओं पर ध्यान आकर्षित कराया। ये पहलू हैं – प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम निर्माण।

प्रतिनिधित्व

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधार में अब और देरी नहीं की जा सकती। इस मुद्दे पर लिखित वार्ता को एक स्पष्ट समयसीमा और ठोस परिणामों से जोड़ा जाना चाहिए। इसी प्रकार, वित्तीय संस्थानों में, मतदान शक्ति, नेतृत्व पद और नीतिगत प्राथमिकताएँ आज की आर्थिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करनी चाहिए। वैश्विक आर्थिक विकास को गति देने वाले देशों को वैश्विक आर्थिक शासन को आकार देने में भी उचित भूमिका मिलनी चाहिए।

जवाबदेही

वैश्विक संस्थाएं मानवता का विश्वास तभी अर्जित कर पाएंगी जब वे वैश्विक चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रदान करने में सक्षम होंगी। हमें अपनी सामूहिक प्रतिक्रिया की गति, व्यापकता और अंतिम छोर तक प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

नाविक वैश्विक व्यापार में बहुत महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, फिर भी कठिनाई के समय में उन्हें अक्सर पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाती है। मेरा प्रस्ताव है कि क्या हम नाविकों के लिए एक आपातकालीन सहायता नेटवर्क स्थापित कर सकते हैं? यह नेटवर्क संबंधित देशों के समुद्री अधिकारियों और मिशनों को आपस में जोड़ सकता है। इससे संकटकालीन सूचनाओं, चिकित्सा सहायता, परिवारों से संपर्क और निकासी में सहायता मिल सकती है।

नियम निर्माण

भविष्य के वैश्विक नियमों को आकार देने में समान भागीदारी सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबरस्पेस, अंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां न केवल भविष्य के अवसरों को आकार दे रही हैं, बल्कि भविष्य को नियंत्रित करने वाले नियमों को भी। हमें ग्लोबल साउथ को नियम मानने वालों से नियम बनाने वालों में बदलने के लिए काम करना होगा। ब्रिक्स के माध्यम से, हम वैश्विक दक्षिण के देशों के युवा राजनयिकों और नीति निर्माताओं को वार्ता कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और कानूनी विशेषज्ञता प्रदान कर सकते हैं।

ब्रिक्स के 20वें वर्ष का संकल्प

संयोग से, आज संयुक्त राष्ट्र दक्षिण-दक्षिण सहयोग दिवस है। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि ऐसा निर्णय वैश्विक दक्षिण को समर्पित दिन पर लिया जा रहा है। भारत इस मुद्दे पर नेतृत्व करने के लिए तैयार है। भारत द्वारा आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का संदेश स्पष्ट और सशक्त होना चाहिए: यदि हमारा भविष्य साझा है, तो उस भविष्य को आकार देने का अधिकार भी साझा होना चाहिए। आवाज़ से प्रभाव तक। विशेषाधिकार से साझेदारी तक। ब्रिक्स के 20वें वर्ष का यही संकल्प होना चाहिए।

 

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Sudhir Kumar Pandey
Sudhir Kumar Pandey
Experienced Media Professional | Digital Content Strategist | Editorial Leader | 20+ Years in Print, Digital & Broadcast Journalism. I am a passionate and result-driven editorial professional with over 20 years of experience across some of India’s most respected media houses, including Zee News, Dainik Jagran, Panchjanya, Way2News, and Aaj Samaj. Currently leading digital content at Panchjanya (Bharat Prakashan Limited). Throughout my career, I have successfully managed editorial teams, produced high-impact news series and special editions (Tarpan, Shiv Tatva, Mudda – Delhi-NCR), and contributed to both daily operations and long-term editorial planning. My expertise spans across political reporting, current affairs, cultural features, and public issue-driven journalism. I thrive in deadline-driven environments, enjoy mentoring teams, and am always exploring ways to innovate newsroom workflows with technology. Proficient in CMS platforms, Canva, InDesign, and content planning tools. Let’s connect if you’re interested in meaningful storytelling, content strategy, or media innovation. [Read more]
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