गोवा के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के हालिया स्टेटस रिपोर्ट में इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर पर सवाल उठे हैं। अखबार ने दावा किया था कि 97 वैध गोवा वोटरों को चुनावी सूची से गलत तरीके से बाहर रखा गया। लेकिन आधिकारिक रिपोर्ट में पूरी कहानी थोड़ी अलग बताई गई है।
क्या है पूरा मामला
25 सितंबर को इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट छापी थी। हेडलाइन थी कि सात दिन में आठ ईमेल के बावजूद वैध गोवा वोटर अभी भी सूची से बाहर हैं। अखबार ने कहा कि 97 लोगों को फाइनल चुनावी रोल से छोड़ दिया गया, भले ही उनके दावे चुनाव अधिकारियों द्वारा सही पाए गए थे। रिपोर्ट में इन 97 को वैध वोटर बताते हुए कहा गया कि चुनाव आयोग का सिस्टम खराब है, जिसकी वजह से योग्य मतदाताओं के नाम वापस नहीं जुड़ पाए। विपक्षी दल भी इनके तुरंत शामिल करने की मांग कर रहे थे।
गोवा चुनाव कार्यालय की रिपोर्ट क्या कहती है
गोवा सीईओ की नई स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, इन 97 मामलों में से 88 लोगों ने फॉर्म 6 भरा है और उनके आवेदन स्वीकार कर लिए गए हैं। फॉर्म 6 वही फॉर्म होता है जिससे कोई योग्य नागरिक अपना नाम चुनावी सूची में शामिल करवाता है।
बाकी नौ मामलों की स्थिति अलग है। इनमें से तीन लोगों के पास पुर्तगाली पासपोर्ट पाए गए। बाकी छह लोग इस समय भारत से बाहर रह रहे हैं। चुनाव अधिकारी उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि आगे की कार्रवाई हो सके।
पुर्तगाली पासपोर्ट वाले मामले क्यों महत्वपूर्ण हैं
भारतीय चुनावी सूची सिर्फ योग्य भारतीय नागरिकों के लिए होती है। भारत में दोहरी नागरिकता मान्य नहीं है। विदेशी नागरिकता लेने पर भारतीय नागरिकता पर असर पड़ता है। इसलिए इन तीन लोगों को सीधे वैध भारतीय वोटर मान लेना सही नहीं था। उनकी नागरिकता और पात्रता की जांच जरूरी थी।
पूरी तस्वीर कुछ इस तरह है
कुल 97 मामले सामने आए थे। उनमें से 88 के फॉर्म 6 स्वीकार हो चुके हैं। तीन पुर्तगाली पासपोर्ट होल्डर हैं। छह भारत के बाहर रह रहे हैं। यानी सभी 97 को एक ही श्रेणी में “वैध गोवा वोटर” कह देना आधिकारिक जांच के बाद सही नहीं बैठता। हर मामले की स्थिति अलग-अलग थी और व्यक्तिगत प्रक्रिया की जरूरत थी।
गोवा सीईओ की यह रिपोर्ट इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्टिंग पर रोशनी डालती है जिसमें इन 97 को सामूहिक रूप से वैध मतदाता बता दिया गया था। आधिकारिक आंकड़े अब साफ हैं—88 फॉर्म 6 प्रोसेस हो चुके, तीन पुर्तगाली पासपोर्ट वाले और छह विदेश में रहने वाले।















