पंजाब में शिक्षा क्रान्ति के नाम पर भ्रान्ति के शिकार केवल आम लोग ही नहीं बल्कि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के विधायक भी हो रहे हैं। अपने इलाके में स्कूलों की हालत बताते हुए बठिंडा जिले में मौड़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना शनिवार को सोशल मीडिया पर लाइव होकर भावुक हो गए।
लाइव के दौरान वह कई बार फूट-फूटकर रोते नजर आए। उन्होंने पार्टी नेतृत्व और पंजाब सरकार पर उनकी बात नहीं सुनने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह लंबे समय से अपने हलके के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाते आ रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।
कई बार आग्रह, पर हालात ज्यों के त्यों
विधायक ने कहा कि उन्होंने पार्टी और सरकार के जिम्मेदार लोगों से बार-बार आग्रह किया कि उनके क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी की जाए। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वह अपने हलके के लोगों के प्रति जवाबदेह हैं और जब स्कूलों में शिक्षकों की कमी होती है तो इसका जवाब भी उन्हें ही देना पड़ता है।
बच्चे को बोलते हैं टीचर, पिता से स्टाफ की कमी के बारे बोलो
विधायक माइसरखाना ने कहा कि उनका अपना बच्चा भी स्कूल ऑफ एमिनेंस में पढ़ रहा है, लेकिन वहां भी स्टाफ की कमी है। उन्होंने दावा किया कि स्कूल के शिक्षक उनके बेटे से भी कहते हैं कि स्कूल में शिक्षकों की कमी पूरी करवाने के लिए अपने पिता से कहो। उन्होंने सवाल किया कि जब वह खुद अपने बच्चे को सरकारी स्कूल में पढ़ा रहे हैं तो फिर स्कूलों की समस्याओं को उठाना उनकी जिम्मेदारी है या नहीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को लेकर मंचों से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्कूलों की वास्तविक स्थिति भी देखी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बुलाया, लेकिन मिले नहीं
विधायक ने दावा किया कि एक बार मुख्यमंत्री ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया था, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि वह अपनी समस्याएं लेकर लगातार पार्टी नेतृत्व तक पहुंचते रहे, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुनवाई नहीं मिली। उन्होंने कहा कि अब उन्हें पता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी टिकट काटी जा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो भी उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने अपनी पेंशन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें करीब 70 हजार रुपये पेंशन तो मिल ही जाएगी।
केस दर्ज कर जेल भेजा तो जमानत नहीं करवाऊंगा
विधायक माइसरखाना ने यह भी कहा कि उन्हें आशंका है कि उनके खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता है तो वह अपनी बात से पीछे नहीं हटेंगे और जमानत भी नहीं करवाएंगे। उन्होंने कहा कि वह अपने हलके के लोगों की समस्याओं के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
‘मेरे बच्चे को क्यों बनाया जा रहा निशाना?’
लाइव के दौरान विधायक अपने बच्चों का जिक्र करते हुए भी भावुक हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बच्चे को परेशान और अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि बच्चों को राजनीति में क्यों लाया जा रहा है और उनके साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह एकमात्र ऐसे विधायक हैं जिनके बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिल करवाना उनकी गलती है।
उम्मीद कुछ और थी हुआ कुछ और
मैसरखाना ने कहा कि उन्होंने पार्टी में पूरी निष्ठा के साथ काम किया, लेकिन उनके अनुसार पार्टी ने इसका उन्हें नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि वह जिस उम्मीद के साथ पार्टी में आए थे, हालात उसके विपरीत हो गए हैं।
लड़ाई लड़ते-लड़ते हार गया
भावुक होते हुए विधायक ने कहा कि उन्होंने अपने हलके के लोगों की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष किया, लेकिन वह अब खुद को हारा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेता शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हैं, लेकिन उन्हें जमीनी स्तर पर स्कूलों की स्थिति देखने के लिए भी समय निकालना चाहिए। विधायक के इस बयान के बाद पंजाब में शिक्षा की हालत के साथ साथ पार्टी के साथ उनके मतभेद सार्वजनिक तौर पर सामने आए हैं।

















