जौहर पर अब मौलाना साजिद रशीदी और शिया मौलाना मोहसिन नकवी के भी बयान सामने आए हैं। स्वरा भास्कर के बयान पर सवाल पूछे जाने पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के प्रेसीडेंट मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि हिन्दू धर्म में कहां पर जौहर जैसी परंपरा है? यह हिन्दू धर्म में नहीं है। आईएएनएस के अनुसार रश्दी ने कहा कि इस्लाम की तरह, अपनी जान लेना जिसे कि खुदकुशी कहा जाता है, उसे किसी भी धर्म में सही नहीं माना जा सकता है।
मौलाना ने कहा कि यह केवल एक प्रथा थी, जिसे इज्जत दिखाकर गुणगान किया जा रहा है। वेद और रामायण पढ़ी है, इसलिए धर्म में ऐसा नहीं है। धार्मिक चीजें अटल और अमर रहती हैं और समाज में जो चीजें जुड़ती हैं, वे कुछ दिन रहती हैं और खत्म हो जाती हैं।
Delhi: All India Imam Association president Maulana Sajid Rashidi says, "Where in Hinduism is there a custom that you should perform Jauhar? It is not there in Hinduism. Just as in Islam, taking one's own life, which is called suicide, can never be permissible in any religion.… pic.twitter.com/2lmZZQu41h
— IANS (@ians_india) September 4, 2026
शिया मौलाना सैयद मोहसिन तकवी ने कहा कि इस्लामी नजर से जौहर कभी अच्छी चीज नहीं थी। हालात का सामना साहस और दृढ़ता से करना चाहिए, हम भी यही कहेंगे। लेकिन मुद्दा यह है कि आज भारत में ऐसा कहां हो रहा है? मौलाना ने कहा कि जब आज के समय में हर ओर हिन्दुत्व की चर्चा है और कई मौकों पर मुसलमानों के अधिकारों का हनन हो रहा है, और उनकी आवाज ही बुलंद नहीं होने दी जा रही है। ऐसे में जौहर की कहीं कोई गुंजाइश नहीं रहती है।
क्या कहा था स्वरा भास्कर ने?
अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने एक आयोजन में जौहर के विषय में बोलते हुए इसे करने वाली महिलाओं को कायर कहा था। उन्होंने कहा था कि बलात्कार के डर से खुद को मारना कायरता थी। इस बयान के बाद से स्वरा भास्कर की चौतरफा आलोचना हो रही थी। लेकिन कथित पत्रकार आरफा खानम शेरवानी ने इसका समर्थन करते हुए सही ठहराया था। आरफा खानम ने एक्स पर लिखा था कि स्वरा ने कुछ भी गलत नहीं किया। लोगों को घेरते हुए कहा था कि तुम्हारी मुसलमानों के प्रति घृणा ने तुम्हें अंधा बना दिया है। उसके अनुसार जौहर एक महिला के पक्ष में बयान था, न कि महिला विरोधी।
















