
नेपाल इन दिनों भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं, कई परिवारों के सामने रहने, खाने और जरूरी सामान की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे मुश्किल समय में सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ सामाजिक और स्वयंसेवी संगठन भी पीड़ितों तक राहत पहुंचाने में जुटे हैं। इसी क्रम में हिन्दू स्वयंसेवक संघ नेपाल और सेवा इंटरनेशनल नेपाल के कार्यकर्ताओं ने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए सेवा एवं राहत अभियान शुरू किया है। स्वयंसेवक जरूरतमंद लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर राहत कार्यों में सहयोग करने का प्रयास कर रहे हैं। हालिया रिपोर्ट में दोनों संगठनों के राहत अभियान का उल्लेख किया गया है।
सेवा इंटरनेशनल नेपाल की ओर से भी आपदा के समय स्थानीय समुदायों की सहायता और स्वयंसेवकों के माध्यम से राहत कार्य करने की जानकारी दी गई है। संस्था के अनुसार वह आपदा राहत, स्वास्थ्य, शिक्षा और जरूरतमंद समुदायों की सहायता जैसे क्षेत्रों में काम करती है। संस्था की वेबसाइट पर हिन्दू स्वयंसेवक संघ नेपाल और जनजाति कल्याण आश्रम नेपाल के साथ मिलकर काम करने का भी उल्लेख है।
आपदा के बाद सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित और दूर-दराज के इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाना होती है। कई स्थानों पर सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है। ऐसे में स्थानीय स्वयंसेवकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। हिन्दू स्वयंसेवक संघ नेपाल की ओर से भी आपदा के समय राहत कार्य और सामुदायिक सेवा अभियानों में भागीदारी की जानकारी दी गई है। संगठन अपनी गतिविधियों में आपदा राहत, स्वास्थ्य एवं कल्याण तथा सामुदायिक सेवा को प्रमुख क्षेत्र के रूप में बताता है। नेपाल में स्वयंसेवी संगठनों द्वारा आपदा के समय राहत कार्य करने का अनुभव नया नहीं है। वर्ष 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद भी सेवा इंटरनेशनल नेपाल, हिन्दू स्वयंसेवक संघ नेपाल, जनजाति कल्याण आश्रम नेपाल और विश्व हिंदू परिषद नेपाल से जुड़े स्वयंसेवकों ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और पीड़ित परिवारों की मदद करने का काम किया था। सेवा इंटरनेशनल नेपाल के अनुसार उस दौरान हजारों स्वयंसेवकों ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान में हिस्सा लिया था।