पाञ्चजन्य पत्रिका का 13 सितंबर का नया अंक रिलीज हो चुका है। इस सप्ताह का अंक है-‘बात भारत की’। इस अंक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन प्रवास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है। अमेरिका और कनाडा में उन्होंने एकात्मता, विविधता में एकता, सर्वपंथ समभाव और विश्वबंधुत्व को भारतीय संस्कृति और वैश्विक शांति का आधार बताया।
इस अंक में पढ़िए-
🔹 Universal Oneness Celebration, Madison Square Garden में डॉ. मोहन भागवत जी का संबोधन 🔹 Toronto के Hindu Vishwa Bandhu कार्यक्रम में उनका संदेश
🔹 भारत-कनाडा संबंधों पर जेसन केनी के विचार
🔹 न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक ISKCON मंदिर में विश्व जुड़ाव और श्रीकृष्ण चेतना का संदेश
🔹 RSS के अखिल भारतीय प्रचार टोली के सदस्य मुकुल कानिटकर जी का विशेष लेख
🔹 लंदन प्रेस वार्ता में RSS के वैश्विक संपर्क अभियान की प्रमुख बातें
🔹 संपादक हितेश शंकर जी की ‘अपनी बात’—आघात की राजनीति
🔹 नेपाल की बाढ़: पिघलता हिमालय, बढ़ता खतरा
🔹 ‘टीपू से प्यार, हिंदुत्व पर वार’—कर्नाटक की राजनीति और सेक्युलरिज्म पर सवाल
🔹 विरासत पर अतिक्रमण—संरक्षित स्मारकों को लेकर चिंता
🔹 राममंदिर अपडेट—तीर्थक्षेत्र न्यासियों की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
🔹 स्मृति विशेष में ए. बालकृष्ण जी के सेवाव्रत पर विशेष लेख और भी कई महत्वपूर्ण खबरें, विचार और विश्लेषण।
📖 पढ़िए 13 सितंबर का पाञ्चजन्य—‘बात भारत की’।

















