नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर क्षेत्र में हुए भूस्खलन और अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने हजारों परिवारों की जिंदगी को तहस-नहस कर दिया है। नेपाल सरकार के अनुसार में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 939 हो गई है, जबकि 3,925 लोग अब भी लापता हैं। भयानक आपदा के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो वीडियो ने लोगों को भावुक कर दिया। छह साल की बच्ची 60 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकली, तो वहीं एक बच्चा अपनी बहन को पीठ पर उठाए माता-पिता को खोज रहा है।
वीडियो में एक छोटा बच्चा अपनी रोती हुई नन्ही बहन को पीठ पर उठाए पहाड़ी रास्ते पर चलता दिखाई दे रहा है। उसके कदमों में घबराहट है, लेकिन बहन को छोड़ने का डर उससे बड़ा दिखाई देता है। दोनों बच्चों के चेहरे पर थकान और चोट के निशान नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि दोनों बच्चे बाढ़ के बाद अपने माता-पिता को ढूंढ रहे हैं।
नेपाल से दिल दहला देने वाला दृश्य 😥
ये छोटा लड़का अपनी छोटी बहन के साथ अपने माता-पिता को ढूंढ रहा है।
उनके चेहरों पर दर्द और खरोंच साफ साफ दिखाई दे रहा है । 😥😥😥 pic.twitter.com/QxGcItH8oN
— Hari Narayan Sharma . (@HariNaraya39948) August 31, 2026
बच्चों के चेहरों पर दर्द और खरोंचें
वीडियो साझा करने वाले लोगों ने बच्चों को लेकर गहरी संवेदना जताई है। गणेश गोदारा नाम के यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रविवार (30 अगस्त) को बच्चों का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “नेपाल से दिल दहला देने वाली तस्वीरें। एक छोटा बच्चा अपनी छोटी बहन का ख्याल रख रहा है और अपने माता-पिता को ढूंढ रहा है। उनके चेहरों पर दर्द और खरोंचें देखिए।” कई लोगों ने इस वीडियो को रीशेयर कर बच्चों को इनके माता-पिता से मिलाने की प्रार्थना की।
60 घंटे बाद मलबे में दबी बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला
दूसरी वीडियो नेपाल के रसुवा जिले के टिमुरे इलाके का है, जहां विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के तीसरे दिन सशस्त्र पुलिस बल की टीम ने मलबे में दबी छह साल की बच्ची को जिंदा सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जब सशस्त्र पुलिस बल की टीम को मलबे के नीचे से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने तुरंत खुदाई शुरू की और शुक्रवार (28 अगस्त) को करीब 60 घंटे बाद मलबे में दबी बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में उसे इलाज के लिए काठमांडू के अस्पताल ले जाया गया। शुरुआत में बच्ची के माता-पिता के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही जा रही थी, लेकिन बाद में नेपाल पुलिस ने पुष्टि की कि उसके माता-पिता जीवित हैं और उसी अस्पताल में उनका भी इलाज चल रहा है।
जाको राखे साईंया मार सकें न कोई…!!
नेपाल में आई बाढ़ के दौरान एक बच्ची मलबे के नीचे दब गई थी, लेकिन चमत्कारिक रूप से उसे जीवित बचा लिया गया।🙏https://t.co/kRhLWcEO38
— अजय प्रताप सिंह (Ajay) (@iAjaySengar) August 30, 2026
मासूमियत, मजबूरी और जिंदगी की जिद
एक तरफ पीठ पर बहन को उठाए चलता मासूम और दूसरी तरफ करीब 60 घंटे बाद मलबे से निकली छह साल की बच्ची की तस्वीरें तबाही के बीच मासूमियत, मजबूरी और जिंदगी की जिद की कहानी बयां करती हैं। पानी और मलबे ने उनका बहुत कुछ छीन लिया, लेकिन इन बच्चों ने दुनिया को यह याद दिला दिया कि सबसे मुश्किल वक्त में भी इंसान को उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए।
बता दें कि 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर क्षेत्र में हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन समेत कई जिलों में पुल टूटने और सड़कें नष्ट होने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। तबाही के इस मंजर के बीच सशस्त्र पुलिस बल की टीम लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

















