नेपाल बाढ़ त्रासदी: रसुवा से नवलपरासी तक नदियों से शव निकल रहे, शवों की पहचान के लिए अस्थायी शवगृह
August 29, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

नेपाल बाढ़ त्रासदी: रसुवा से नवलपरासी तक नदियों से शव निकल रहे, शवों की पहचान के लिए अस्थायी शवगृह

नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आने के बाद रसुवा, नुवाकोट, चितवन समेत कई जिलों की नदियों से सैकड़ों शव मिल रहे हैं। अस्थायी मुर्दाघर बनाए गए, पुलिस क्यूआर कोड से पहचान की सुविधा दे रही है।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Aug 29, 2026, 07:35 am IST
inविश्व

नेपाल में भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ के बाद कई लोगों के शव नदियों में बहकर आ रहे हैं। इन शवों को नदी से निकालकर अलग-अलग जगहों पर पहचान के लिए रखा जा रहा है।

नदियों से शव मिल रहे हैं

ये शव रसुवा, नुवाकोट, चितवन, तनहुं, नवलपरासी, गोरखा और आसपास के जिलों से गुजरने वाली नदियों से मिल रहे हैं। बाढ़ का पानी भोटे कोशी से आगे त्रिशूली और नारायणी नदियों में भी पहुंच गया था। इससे किनारे बसे शहरों और कस्बों में काफी नुकसान हुआ। बुधवार को भोटे कोशी में अचानक बाढ़ आई थी। उसके बाद शव कई जगहों पर निकलने लगे। संख्या सैकड़ों में पहुंचने की वजह से अस्पतालों के मुर्दाघर भर गए। इसलिए अस्थायी मुर्दाघर भी बनाए गए हैं। लोग इन जगहों पर आकर अपने परिजनों की पहचान कर सकते हैं।

अस्थायी मुर्दाघरों की जरूरत

चितवन में अस्पतालों के मुर्दाघर सिर्फ 30 से 50 शव ही रख सकते हैं। इसलिए भरतपुर में इंडस्ट्रियल एंटरप्राइज डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट की खाली इमारत को अस्थायी शवगृह बनाया जा रहा है। इसमें करीब 250 शव रखने की जगह हो सकती है। कुछ जगहों पर ड्राई आइस और एयर कंडीशनर का इस्तेमाल भी हो रहा है ताकि शव सुरक्षित रहें।

नुवाकोट, धादिंग और नवलपरासी जैसे जिलों में भी जगह की कमी है। कुछ शव पड़ोसी जिलों जैसे पोखरा भेजे गए हैं।

इसे भी पढ़ें: नेपाल बाढ़ त्रासदी: अब तक 584 लोगों की मौत, 1942 अभी भी लापता; 93,000 से अधिक प्रभावित

पहचान का तरीका

पुलिस शवों की तस्वीरें ले रही है, उंगलियों के निशान ले रही है, पोस्टमार्टम कर रही है और डीएनए सैंपल इकट्ठा कर रही है। जहां चेहरा साफ दिख रहा है, वहां तस्वीरें सार्वजनिक भी की जा रही हैं। नेपाल पुलिस ने क्यूआर कोड भी जारी किया है। लोग इसे स्कैन करके शवों की तस्वीरें और विवरण देख सकते हैं।

हर शव को नंबर टैग दिया जा रहा है। अगर कोई पहचान न हो तो बाद में सुरक्षित जगह पर दफनाने की भी व्यवस्था की जा रही है। रिकॉर्ड रखा जाएगा ताकि बाद में मिलान हो सके।

भारतीय नागरिकों की स्थिति

भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, तिब्बत क्षेत्र में फंसे करीब 400 भारतीयों से संपर्क हो गया है। शुक्रवार शाम तक 153 भारतीय सड़क मार्ग से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके थे। उन्हें भारत लाने की व्यवस्था चल रही है। नेपाल से 85 भारतीयों को निकाला जा चुका है। अभी भी 320 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा करीब 100 भारतीय मूल के लोग भी लापता हैं, जिनमें कैलास मानसरोवर यात्रा पर गए कुछ यात्री भी शामिल हैं।

Topics: चितवन मुर्दाघरनेपाल बाढ़रसुवा बाढ़भोटे कोशी बाढ़भोटे कोशी नदी शवनुवाकोट शव
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

नेपाल बाढ़ त्रासदी: अब तक 584 लोगों की मौत, 1942 अभी भी लापता; 93,000 से अधिक प्रभावित

नेपाल ने विदेशी खोज-बचाव टीमें ठुकराईं, 517 विदेशी नागरिक लापता

नेपाल में बाढ़

नेपाल में फिर मंडराया बड़ा खतरा, बैरियर झील टूटने की आशंका; चीन ने जारी की चेतावनी

नेपाल में बाढ़

‘चेतावनी नहीं, तबाही पहले’- चीन प्रशासित तिब्बत से रसुवागढ़ी तक, चीन की चुप्पी सवालों के घेरे में

नेपाल में अचानक आई बाढ़

Explainer: नेपाल-तिब्बत सीमा पर फ्लैश फ्लड: आखिर क्यों हुआ ये?

नेपाल में बाढ़

नेपाल के रसुवा में भयानक बाढ़, कैलाश मानसरोवर जा रहे करीब 400 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूटा

Load More

ताज़ा समाचार

नेपाल बाढ़ त्रासदी: रसुवा से नवलपरासी तक नदियों से शव निकल रहे, शवों की पहचान के लिए अस्थायी शवगृह

डोनाल्ड ट्रंप

इतिहास का सबसे बड़ी तेल डील: ट्रंप बोले- अब से अमेरिका का वेनेजुएला के 65 अरब बैरल पर होगा नियंत्रण

नेपाल बाढ़ त्रासदी: अब तक 584 लोगों की मौत, 1942 अभी भी लापता; 93,000 से अधिक प्रभावित

आज का श्लोक : धनधान्यसुसम्पन्नं स्वर्णरत्नमयाकरम्।

शांतिकुंज में मनाया गया श्रावणी पर्व

श्रावणी पर्व पर शांतिकुंज में श्रद्धा और संस्कार का भाव, रक्षासूत्र के साथ राष्ट्र और धर्म रक्षा का लिया संकल्प

नेपाल में बाढ़

नेपाल त्रासदी में मदद को आगे आया शांतिकुंज, प्रथम चरण में दो ट्रक राहत सामग्री लेकर दल रवाना

अमरेश्वर प्रताप शाही

भारतीय खेल सृष्टि में न्याय की दृष्टि

उत्तराखंड में खेला गया बग्वाल

उत्तराखंड : देवीधुरा में फल-फूलों से बरसी बग्वाल, ऐतिहासिक पाषाण युद्ध के साक्षी बने लाखों श्रद्धालु

भाखड़ा नांगल बांध को लेकर सोशल मीडिया पर किया जा रहा फर्जी दावा

भाखड़ा नांगल बांध टूटने, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कुछ सेकेंड में बहने का दावा फर्जी, PIB Fact Check ने बताई सच्चाई

रक्षाबंधन

हर युग में रक्षाबंधन रहा है सामाजिक समरसता और भातृत्व प्रेम का रक्षासूत्र

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies