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नेपाल बाढ़ त्रासदी: अब तक 584 लोगों की मौत, 1942 अभी भी लापता; 93,000 से अधिक प्रभावित

नेपाल में लैंगटांग नेशनल पार्क के पास ग्लेशियर टूटने से भीषण बाढ़। 584 मौतें (579 नेपाल, 5 तिब्बत), 1942 लापता। 93,000 प्रभावित। रेस्क्यू अभियान जारी।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Aug 29, 2026, 06:36 am IST
inविश्व

नेपाल में आई भीषण बाढ़ से जो तबाही मची थी, उसमें मरने वालों की संख्या 584 तक पहुंच गई है। इसमें से 579 लोग नेपाल में और 5 लोग तिब्बत से हैं। दरअसल हुआ है कि हिमालय में लैंगटांग नेशनल पार्क के पास एक बड़े ग्लेशियर का हिस्सा टूटकर घाटी में गिरा। इससे पानी, कीचड़, पत्थर और बर्फ का बड़ा प्रवाह नदी-घाटियों से होकर गुजरा। इससे कई गाँव बह गए, बिजली घर, सड़कें और पुल टूट गए। इसी के चलते ये हादसा हुआ।

रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के अधिकारियों के अनुसार 1,942 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें सैकड़ों विदेशी भी हैं जो काम, ट्रेकिंग या तीर्थ यात्रा के लिए वहाँ थे। रेड क्रॉस का कहना है कि मौतों का आँकड़ा और बढ़ सकता है क्योंकि कुछ सबसे प्रभावित इलाके अभी भी पहुँच से बाहर हैं।

प्रभावित लोगों की संख्या

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज (IFRC) ने बताया कि कम से कम 93,000 लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है। हजारों घर पूरी तरह नष्ट हो गए या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। संयुक्त राष्ट्र की नेपाल रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर लीला पीटर्स यहिया ने कहा कि 40 से ज्यादा पुल टूट गए या क्षतिग्रस्त हो गए और 40 किलोमीटर से ज्यादा सड़कें पूरी तरह नष्ट हो गईं।

बचाव अभियान

नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर से 100 से ज्यादा लोगों को बचाया गया। कई घायलों को काठमांडू के अस्पतालों में भेजा गया। कुछ शव बाढ़ वाले इलाके से सैकड़ों किलोमीटर दूर चितवन जिले तक बहकर पहुँचे, जो भारत की सीमा के पास है। शुक्रवार सुबह मलबे से बने एक अस्थायी बाँध के ओवरफ्लो होने से बचाव कार्य कुछ समय के लिए रोक दिया गया। इससे आगे और बाढ़ का खतरा बढ़ा। रसुवा जिले में लोग नदी के बढ़ते पानी से बचने के लिए पहाड़ियों की तरफ भागे।

इसे भी पढ़ें: भाखड़ा नांगल बांध टूटने, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कुछ सेकेंड में बहने का दावा फर्जी, PIB Fact Check ने बताई सच्चाई

बिदुर (नुवाकोट जिला) में त्रिशूली नदी फिर से उफनने लगी, इसलिए बचाव दल और वापस लौटे लोगों को दोबारा सुरक्षित जगह जाने को कहा गया। बिदुर शहर काफी हद तक बर्बाद हो चुका है। ज्यादातर घर बह गए। कुछ इमारतों के अवशेष कीचड़ में डूबे पड़े हैं। ज्यादातर प्रभावित इलाकों तक सिर्फ सेना के हेलीकॉप्टर से ही पहुँचा जा सकता है। बिदुर आर्मी कैंप से हेलीकॉप्टर हर पाँच मिनट में आ-जा रहे हैं।

विदेशी मदद और तिब्बत की स्थिति

नेपाल सरकार ने फिलहाल विदेशी मदद ठुकरा दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियाँ खुद सर्च और रेस्क्यू कर रही हैं। भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका और बांग्लादेश ने अपनी टीमें भेजने की पेशकश की थी। तिब्बत की तरफ से जानकारी बहुत कम है। चीनी अधिकारियों ने वहाँ सिर्फ पाँच मौतों की पुष्टि की है।

Topics: नेपाल बाढ़ग्लेशियर टूटना नेपाललैंगटांग नेशनल पार्क आपदानेपाल बाढ़ मौतें 584नेपाल लापता लोग
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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