अगर आपकी नौकरी है और हर महीने सैलरी से PF कटता है, तो आपके लिए यह जानकारी बहुत जरूरी है। PF के जरिए भविष्य के लिए बचत तो होती ही है, साथ ही EPFO के पात्र सदस्यों को EDLI यानी कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना का लाभ भी मिलता है। खास बात यह है कि इसके लिए कर्मचारी को अलग से कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता। नौकरी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर इस योजना के तहत उसके परिवार या नामांकित व्यक्ति को आर्थिक मदद मिल सकती है।
क्या है EDLI योजना?
EDLI का पूरा नाम Employees’ Deposit Linked Insurance Scheme है। यह योजना EPFO से जुड़े पात्र कर्मचारियों के लिए है। इसका मुख्य उद्देश्य नौकरी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को आर्थिक सहारा देना है। नियमों के अनुसार पात्र कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके नामांकित व्यक्ति या कानूनी वारिस को अधिकतम 7 लाख रुपये तक का लाभ मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक राशि कर्मचारी के वेतन और लागू नियमों के आधार पर तय होती है। EDLI के तहत बीमा राशि कर्मचारी की मृत्यु से पहले के 12 महीनों के औसत मासिक वेतन के आधार पर तय की जाती है। गणना में अधिकतम 15,000 रुपये मासिक वेतन की सीमा रखी गई है।
सरल फॉर्मूला है- 30 गुना औसत मासिक वेतन + 2.5 लाख रुपये बोनस। उदाहरण के लिए, अगर औसत मासिक वेतन 15,000 रुपये है तो 30 गुना करने पर 4.5 लाख रुपये होते हैं। इसमें 2.5 लाख रुपये बोनस जोड़ने पर कुल राशि 7 लाख रुपये बनती है। वेतन की गणना में महंगाई भत्ता यानी DA भी शामिल किया जाता है।
EDLI का पैसा कैसे मिलेगा?
कर्मचारी की मृत्यु के बाद नामांकित व्यक्ति या कानूनी वारिस को EDLI का लाभ लेने के लिए फॉर्म 5-IF के जरिए दावा करना होता है। आमतौर पर इस फॉर्म का सत्यापन नियोक्ता द्वारा किया जाता है। यदि नियोक्ता से सत्यापन संभव नहीं है, तो निर्धारित सक्षम अधिकारी से सत्यापन कराया जा सकता है। इसके बाद जरूरी दस्तावेजों के साथ दावा संबंधित EPFO कार्यालय में जमा किया जाता है। EPFO सदस्य को अपने खाते में नॉमिनी की जानकारी जरूर अपडेट रखनी चाहिए। इससे किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार को EPF, EPS और EDLI से जुड़े लाभ लेने में आसानी हो सकती है। इसलिए नौकरीपेशा लोगों को अपने PF खाते और नॉमिनी की जानकारी समय-समय पर जांचते रहना चाहिए।















