नई दिल्ली: फ्लाईदुबई विमान मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है। उन्होंने भारतीय पायलट स्मित मच्छार की प्रशंसा करते हुए उन्हें हीरो बताया है। ट्रंप ने कहा कि ऐसा लगता है कि को-पायलट कोई आतंकवादी या सनकी व्यक्ति था। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इस घटना को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की है। हालांकि यह घटना आतंकवादी घटना थी या इसके पीछे हाइजैक की कोशिश थी, इसे लेकर अभी जांच चल रही है। लेकिन घटना को देखकर यह जरूर लगता है कि यह इस्लामिक चरमपंथ की घटना थी जिसमें एक को-पायलट ने विमान में सवार लोगों को मौत के घाट उतारने की कोशिश की।
घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे भारतीय पायलट
कैप्टन स्मित मच्छार ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद एफजेड1073 विमान के कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। विमान में को-पायलट ने पायलट पर ही चाकू से हमला कर दिया था। ट्रंप ने कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि पायलट की हालत बेहद खराब थी लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में अहम भूमिका निभाई। इसी के बाद विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू को कथित हमलावर को रोकने का मौका मिला।
इस घटना के बाद इजरायल ने थोड़े देर के लिए अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया था।
क्या है पूरा मामला?
संयुक्त अरब अमीरात से इजरायल जा रही एक फ्लाइट को सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया था। फ्लाइट में ही मुस्लिम को-पायलट ने पायलट पर चाकू से हमला कर दिया था। यह घटना हाईजैक की कोशिश सी लगती है। फ्लाइट FZ1073 को तब मोड़ा गया जब वह दुबई से तेल अवीव के लिए जॉर्डन के एयरस्पेस से गुजर रही थी। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद इजरायल ने तुरंत लड़ाकू विमान भेजे।फ्लाइट की कॉकपिट में दो पायलट मौजूद थे। इसमें से एक भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार थे। जिन पर दूसरे पायलट ने चाकू से हमला कर दिया। भारतीय पायलट ने फ्लाइट क्रैश होने से बाचकर करीब 180 यात्रियों की जान बचाई।

















