दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन और काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च में शामिल लोगों की जांच की। फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से पता चला कि कुल 2,873 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग इन कार्यक्रमों में शामिल थे। इनमें से 989 अतिगंभीर अपराधों में आरोपी हैं।
पुलिस ने कैसे किया पहचान
पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन स्थल पर लगे कैमरों ने इन लोगों को कैद किया। बाद में फेस रिकग्निशन सिस्टम से उनकी पहचान की गई। इनमें से कई ऐसे हैं जिन पर एक से ज्यादा गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी गई है।
हत्या, लूट और महिलाओं-बच्चों के खिलाफ अपराध
पहचाने गए अपराधियों में:
- 101 हत्या के आरोपी
- 284 लूट और डकैती के मामले
- 92 महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में आरोपी
42 लोगों पर हत्या के दो या उससे ज्यादा मामले दर्ज हैं। 62 हत्या के प्रयास के आरोपी हैं, जिनमें से 25 पर कई केस हैं। 61 लोगों पर दुष्कर्म के मामले और 25 पर छेड़छाड़ के मामले दर्ज हैं। 6 पोक्सो एक्ट के आरोपी भी शामिल थे। 12 लोगों पर 10 या उससे ज्यादा आपराधिक मामले हैं।
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महिलाएं अपराधी भी शामिल
FRS ने 41 महिलाओं को भी पहचाना जिन पर गंभीर अपराधों के मामले हैं। इनमें:
- एक महिला पर हत्या का प्रयास का केस
- 9 महिलाएं महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में आरोपी
- 12 महिलाएं NDPS (ड्रग्स) तस्करी के मामलों में
- 7 महिलाएं लूट-डकैती में
- 4 महिलाएं अपहरण के मामलों में
एक महिला मानव तस्करी रैकेट से जुड़ी पाई गई। एक महिला 2023 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी में सास-ससुर की हत्या के मामले में शामिल थी। पुलिस के अनुसार, मृतक दंपति की करीब 1.3 करोड़ रुपये की संपत्ति थी और महिला ने प्रेमी के साथ नई जिंदगी शुरू करने के लिए यह कदम उठाया था।
3 महिलाएं हत्या के मामलों में आदतन अपराधी पाई गईं, जिन पर कई केस दर्ज हैं। एक महिला पर ड्रग्स तस्करी के 10 मामले और दूसरी पर लूट-डकैती के 5 मामले हैं। ये लोग जंतर मंतर के प्रदर्शन के अलावा 20 जुलाई को सीजेपी के संसद मार्च में भी शामिल थे। उस मार्च में बिना अनुमति के हिंसा हुई थी और भीड़ संसद भवन के पास तक पहुंच गई थी।

















