पंजाब सरकार फार्मेसी परीक्षा के दौरान कथित तौर पर हुए पेपर लीक मामले में नपती दिख रही है। पंजाब का फार्मेसी एग्जाम मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। इसको लेकर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि इस भर्ती की आगे की पूरी चयन प्रक्रिया याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। ये याचिका केशव कंबोज नाम समेत अन्य ने दायर की है। उन्होंने परीक्षा रद करने की मांग की है।
10 अगस्त तक नोटिस जारी
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार के एएजी टीपीएस वालिया पेश हुए। उन्होंने हाईकोर्ट से लिखित जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। याचिकाकर्ता के वकील सार्थक गुप्ता को प्रतिवादी नंबर-3 और 4 को दस्ती नोटिस (हाथों-हाथ नोटिस) देने के निर्देश दिए गए। 10 अगस्त के लिए दस्ती नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया।
याचिका में यह लगाया आरोप
याचिकाकर्ता का आरोप है कि परीक्षा संगठित, हाईटेक और अंतरराज्यीय नकल गिरोह के कारण पूरी तरह प्रभावित हुई। इसके समर्थन में 19 जुलाई 2026 की प्रेस रिलीज और 20 जुलाई 2026 को दर्ज एफआईआर नंबर-0006 का हवाला दिया गया है। उनका कहना है कि इससे संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन हुआ है।
एनडीए सांसदों ने दिया था धरना
मंगलवार को एनडीए के सांसदों ने दिल्ली में पंजाब में पेपर लीक का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल व सीएम भगवंत मान की चुप्पी पर सवाल उठाए। मंगलवार को सांसदों ने दिल्ली में पंजाब में पेपर लीक का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल व सीएम भगवंत मान की चुप्पी पर सवाल उठाए।
आप सरकार को विपक्ष ने घेरा
उधर, आम आदमी पार्टी अब पंजाब में दूसरे राजनीतिक दलों के निशाने पर है। कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा ने पंजाब में फार्मेसी एग्जाम का पेपर लीक होने का दावा करते हुए यहां की पंजाब सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। तीनों पार्टियां प्रदेश के शिक्षामंत्री हरजोत बैंस का इस्तीफा मांग रही हैं।
क्या मानते हैं विशेषज्ञ
एजुकेशन एक्सपर्ट पंजाब की घटना को नकल, पेपर लीक और फ्रॉड का कॉम्बो बता रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक- नकल इनसाइड रूम में होती है। एग्जाम खत्म होने से पहले अगर पेपर सेंटर से बाहर आ जाए तो इसे पेपर लीक ही माना जाता है। एजुकेशन एक्सपर्ट की सलाह है कि पंजाब सरकार को फार्मेसी का पेपर रद्द कर दोबारा एग्जाम कराना चाहिए।
फॉर्मेसी एग्जाम का मामला क्या है?
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने 454 फार्मासिस्ट अफसरों की भर्ती के लिए एग्जाम कराया था। इस दौरान एक परीक्षार्थी ने पेन कैमरे का इस्तेमाल कर पेपर की फोटो खींचकर भिवानी बैठे व्यक्ति को भेजी। उसने आगे इसे राजस्थान के 2 पेपर सॉल्वर को भेजा। जो उस वक्त फरीदकोट में ही मौजूद थे। इसके बाद यही पेपर सॉल्व कर माइक्रो ईयरपीस के जरिए परीक्षार्थियों को जवाब बताए गए।
पुलिस ने केस सामने आने के बाद ऑफिशियल तौर पर इसकी पुष्टि की थी। इस मामले में ब्लूटूथ डिवाइस, माइक्रो ईयरपीस और पेन कैमरे का इस्तेमाल किया। सूचना मिलने पर पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस ने परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की। कार्रवाई में 28 अभ्यर्थी और 7 कथित मास्टरमाइंड पकड़े गए। पुलिस ने 27 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद कर गिरोह के नेटवर्क की जांच शुरू की, जिसमें पता चला कि एक उम्मीदवार से 3.5 लाख से 13 लाख रुपये तक वसूले जाते थे। पास कराने की गारंटी देकर सौदा किया जाता था। इसके बाद विपक्षी दलों ने धर्मेंद्र प्रधान की तर्ज पर शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस का इस्तीफा मांगना शुरू कर दिया। हाईकोर्ट में मामला आने के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।

















