एलन मस्क अधिकतर वाम और इस्लाम विरोधी वक्तव्यों के चलते चर्चा में रहते हैं। लेकिन, इस बार एक इंटरव्यू के चलते उनकी चर्चा हो रही है। द इकोनॉमिस्ट की एडिटर इन चीफ के साथ उनका यह इन्टरव्यू वायरल हो रहा है। इसमें मस्क ने आर्टफिशल इंटेलिजेंस, राजनीति, चीन, यूरोप, और मानवता के भविष्य को लेकर खुलकर बातें की हैं।
एलन मस्क ने इस्लाम को लेकर भी अपना मत एक बार फिर से स्पष्ट किया है और सारी बहस केवल इसी एक बिन्दु पर हो रही है। इसके कई वीडियो वायरल हुए हैं। उनसे पूछा गया कि क्या वे इस्लाम विरोधी हैं? तो उन्होंने कहा कि वे बलात्कार और हत्याओं के विरोधी हैं। वे इस बात के विरोधी हैं कि जिस देश में आप शरण मांग रहे हैं, उसी के कानूनों को नहीं मानते हैं। वह उन कानूनों और नियमों को लागू करने के विरोधी हैं, जो पश्चिम में अपना नहीं सकते हैं।
उनसे पूछा गया कि वे चरम दक्षिणपंथियों के विषय में क्या सोचते हैं? एलन मस्क ने कहा कि वे आम लोगों का समर्थन करते हैं, जिसे आप लोग दक्षिणपंथी कहते हैं। फिर उन्होंने तीन सिद्धांत गिनवाए। जैसे कि सुरक्षित सीमाएं, सुरक्षित शहर और समझदारी पूर्ण खर्च। फिर उन्होंने पूछा कि इनमें से क्या आपको दक्षिणपंथी लगता है? फिर उन्होंने मीडिया की ही आलोचना करते हुए कहा कि “दक्षिण पंथियों का वर्गीकरण झूठ है, भ्रामक है और बेवकूफी भरा है।
Elon Musk to The Economist:
“I support the normal people. What you call the far right, falsely.”
He listed three principles:
Secure borders.
Safe cities.
Sensible spending.“Which of those sound far-right fringe?”
Then he called out the media:
“The absurd characterization of… pic.twitter.com/lIMiHglnYK
— Marios Karatzias (@MariosKaratzias) July 25, 2026
उनसे पूछा गया कि वह रूपर्ट लो का समर्थन क्यों करते हैं ? मस्क ने इसका भी जबाव दिया कि दस से पंद्रह साल पहले ये नीतियां ठीक थीं। और अभी आप ऐसा नहीं सोच सकते हैं। अब लोग इसे नहीं अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि दक्षिणपंथ जैसी बातें केवल कंट्रोल को लेकर हैं। उन्होंने एक उदाहरण दिया कि बराक ओबामा या हिलेरी का कोई भाषण लें और इसे किसी लेफ्ट वाले आदमी के सामने पढ़ें। और कहें कि यह ट्रम्प का भाषण है तो वह कहेगा कि कितना बकवास है और वह दुनिया का सबसे बुरा इंसान है। मगर वह तो ओबामा या हिलेरी का भाषण था। मस्क ने कहा कि विचार समस्या नहीं है, समस्या उसके साथ जुड़ा हुआ नाम है।
एआई जल्दी ही मानव को पीछे छोड़ देगा
मस्क ने यह भी कहा कि एआई जल्दी ही मानव को पीछे छोड़ देगा। इंसानों का नियंत्रण समाप्त हो जाएगा और 2036 तक एआई का प्रभुत्व होगा। कि जैसे इंसान और चिंपैंज़ी के बीच बुद्धि का अंतर है, वैसा ही अंतर AI और इंसानों के बीच होगा। साथ ही यह भी कहा कि एआई से मानवता के समाप्त होने का 10-20% खतरा है, मगर चूंकि अब इसे रोकना संभव नहीं है, इसलिए अब जो हो रहा है, उसका आनंद लेना चाहिए।
मस्क ने यह भी दावा किया कि 2036 तक पैसे की अहमियत समाप्त हो जाएगी, क्योंकि रोबोट और एआई इतनी चीजें बनाएंगे कि मांग से कहीं ज्यादा आपूर्ति होगी और इतनी सस्ती और ज्यादा चीजें होंगी कि लोग आसानी से खरीद पाएंगे।
बोले एलन मस्क, नस्लवादी नहीं हूं
इस इंटरव्यू में एलन मस्क पर यह आरोप भी लगाया गया कि वह नस्लवादी हैं। इस पर उन्होंने कहा कि वह नस्लवादी नहीं है। उनकी पार्टनर शिवॉन ज़िलिस आधी भारतीय हैं और उनके चार बच्चे हैं, जिनमें से एक का नाम भारतीय-अमेरिकी भौतिकविद् सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर पर रखा गया है। उनकी कंपनी में विभिन्न पदों पर कई नस्लों के लोग काम करते हैं।
सोशल मीडिया पर इस इंटरव्यू की चर्चा
सोशल मीडिया पर यह इंटरव्यू छाया हुआ है। इसमें जहां एलन के स्पष्ट विचारों को लेकर प्रशंसा हो रही है तो वहीं पत्रकार के एकतरफा सवालों की आलोचना भी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि दक्षिणपंथियों को लेकर पत्रकार का रवैया अनुचित है। मस्क के इस उत्तर की लोग प्रशंसा कर रहे हैं कि उनका राजनीतिक विचार हमेशा से ही सेन्टरिस्ट रहे हैं। वे चरम दक्षिणपंथी नहीं हैं।
दूसरे देशों में प्रवास के विरोधी नहीं
एलन मस्क पर ये आरोप लगते रहते हैं कि वह प्रवासियों के खिलाफ हैं। मगर उन्होंने कहा कि अगर वे यह कहेंगे कि दूसरे देशों से आने वाले लोगों के खिलाफ हैं, तो यह गलत होगा, चूंकि वे तो खुद ही दूसरे देश से आए हैं। वह इमिग्रेशन (दूसरे देश में बसने) के पक्ष में हैं, अगर वह व्यक्ति समाज का एक उपयोगी सदस्य बनने वाला हो, ईमानदार हो और उस देश के लोगों के साथ बुरा बर्ताव न करे।
नफरत से ज्यादा प्यार करने वाले लोग हैं
जब मस्क से पूछा गया कि उनसे बहुत लोग नफरत करते हैं तो इस पर क्या कहेंगे, तो उन्होंने कहा कि मुझे करोड़ों लोग फॉलो करते हैं। और उन्हें ऐसा लगता है कि जितने लोग उनसे नफरत करते हैं, उससे कहीं अधिक लोग उनसे प्यार करते हैं। इतने लोग उन्हें प्यार करते हैं, जितना कि मीडिया समझ नहीं पाता।















