खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उठापटक लगातार जारी है। इसी क्रम में एक बार फिर से दोनों देशों के बीच कतर के दोहा में चल रही दो दिन की अप्रत्यक्ष बातचीत के खत्म हो गई। दोनों पक्ष अब पूर्व सुप्रीम लीडर अय़ातुल्लाह खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद फिर से बातचीत की मेज पर आएंगे।
अभी के लिए केवल इतना तय हुआ है कि दोनों ही देश में जून में हुए अंतरिम समझौते के साथ आगे बढ़ेंगे। जहां अमेरिका ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने की बात कर रहा है तो वहीं ईरान होर्मुज पर नियंत्रण और अपने पैसे वापस पाने की कोशिशों में लगा हुआ है।
कैसी रही बातचीत
इसको लेकर कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही और स्विट्जरलैंड के शिखर सम्मेलन के नतीजों पर आगे बढ़ी। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा और दफन (9 जुलाई) के बाद अगली बैठक होगी। दोनों देशों के अधिकारी अलग-अलग कतर और पाकिस्तानी मध्यस्थों से मिले।अमेरिकी डेलिगेशन में जared कुश्नर और स्टीव विटकॉफ जैसे बड़े नाम शामिल नहीं हुए। ईरानी डेलिगेशन की अगुवाई डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर काजेम घरिबाबादी ने की।
होर्मुज स्ट्रेट रहा मुख्य मुद्दा
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल और तरल प्राकृतिक गैस का करीब एक-पांचवां हिस्सा ले जाता था। युद्ध से पहले यहां रोजाना बहुत सारा सामान गुजरता था। अब ट्रैफिक कुछ हद तक शुरू हो गया है, लेकिन स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।
ईरान इस बात पर जोर दे रहा है कि स्ट्रेट पर उसका नियंत्रण माना जाए। वो अगस्त के मध्य से शिपिंग पर टोल वसूलने की योजना बना रहा है। शुरुआती समझौते में कुछ समय के लिए टोल-फ्री रखने की बात थी। पिछले हफ्ते ईरान ने एक कार्गो शिप पर हमला किया था, जिसके बाद दोनों तरफ से हमले हुए।
परमाणु कार्यक्रम और अमेरिकी बयान
ट्रंप ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर प्रगति हो रही है और “डिन्यूक्लियराइजेशन” अच्छा चल रहा है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि दोहा की इन तकनीकी बैठकों में परमाणु मुद्दा उठा ही नहीं। वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने कहा कि इस पर बाद में बात होगी। ट्रंप ने युद्ध दोबारा शुरू करने की संभावना कम बताई और कहा कि दोनों पक्ष काफी आगे बढ़ चुके हैं। उनके बयान के बाद तेल की कीमतें चार महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गईं।
ईरान के फंसे पैसे
ईरान अपने फंसे हुए एसेट्स (संपत्ति) को छुड़वाने को प्राथमिकता दे रहा है। यूरोपीय देशों ने स्ट्रेट से माइन्स हटाने में मदद की पेशकश की है, लेकिन जर्मनी के रक्षा मंत्री ने कहा कि ईरान के सहयोग न करने की वजह से उनका देश इसमें शामिल होने वाला नहीं है। ईरानी मीडिया ने बताया कि एक विदेशी कंटेनर शिप ईरानी अधिकारियों द्वारा तय किए गए रूट के बाहर उथले पानी में फंस गई।












