वाराणसी। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में सावन माह की आध्यात्मिक गरिमा और करोड़ों शिवभक्तों की धार्मिक भावनाओं के सम्मान में प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पूरे सावन मास के दौरान कांवड़ यात्रा मार्गों पर मांस, मछली और अंडे की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी रेस्टोरेंट संचालकों, होटल व्यवसायियों और दुकानदारों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त कौशलेन्द्र शर्मा ने बताया कि कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों—कछवा से रोहनिया थाना, रोहनिया थाना से लक्सा थाना, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर मार्ग तथा गाजीपुर मार्ग स्थित मार्कण्डेय महादेव मंदिर जाने वाले मार्ग—पर किसी भी प्रकार के मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री की अनुमति नहीं होगी।
दिशा-निर्देशों का कड़ाई से होगा पालन
उन्होंने बताया कि सावन के दौरान सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर मूल्य सूची (रेट लिस्ट) तथा खाद्य सुरक्षा विभाग का लाइसेंस अथवा पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रमुखता से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी खाद्य प्रतिष्ठानों को विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा। यही व्यवस्था काशी के अन्य प्रमुख शिवालयों के मार्गों पर भी लागू रहेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ मार्गों पर संचालित मांसाहारी रेस्टोरेंट और दुकानों में सावन भर मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं की जा सकेगी। सभी प्रतिष्ठानों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप
शिवभक्तों की सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिष्ठानों पर ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप के साइनेज भी लगाए जा रहे हैं। इसके माध्यम से श्रद्धालु किसी भी अनियमितता या शिकायत की सूचना सीधे खाद्य सुरक्षा विभाग तक पहुँचा सकेंगे।
सावन में काशी आने वाले लाखों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की आस्था, सुविधा और धार्मिक वातावरण को बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया यह कदम प्रशासन की संवेदनशीलता और सुव्यवस्थित प्रबंधन का परिचायक माना जा रहा है।

















