मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक निजी डेंटल क्लीनिक से जुड़े मामले ने एक बार फिर बताया है कि कैसे-कैसे हिन्दू युवतियों को फंसाने के लिए कथित इस्लामवादी अपना जाल बिछा रहे हैं। यहां मदन महल थाना क्षेत्र स्थित ‘डेंटल स्क्वायर’ क्लीनिक में कार्यरत एक युवक पर हिंदू नाम अपनाकर डेंटिस्ट के रूप में नौकरी करने और कथित तौर पर हिंदू युवतियों को प्रेम संबंधों में फंसाकर शादी करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
दरअसल, जबलपुर में ‘राजकुमार’ नाम से डेंटल डॉक्टर बनकर रह रहे सैयद इसाक असरार का भंडाफोड़ तब हुआ जब उसकी प्रताड़ना से तंग आकर कोलकाता की एक पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। आरोपी ने अपनी पहचान छुपाकर तीन युवतियों को धोखे में रखा और फर्जी पहचान पत्रों का सहारा लेकर अस्पताल में नौकरी हासिल की थी।
शिकायत सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके दस्तावेजों, पहचान और शैक्षणिक योग्यता की जांच शुरू कर दी है। मामले में क्लीनिक के संचालक डॉ. साकेत अग्रवाल पर भी बिना समुचित सत्यापन के नियुक्ति देने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन से आरोपी की डिग्री, नियुक्ति संबंधी अभिलेख और अन्य दस्तावेज तलब किए हैं।
तीन हिंदू युवतियों को प्रेम संबंधों में फंसाने का आरोप
शिकायतकर्ता, जो स्वयं भी एक डेंटिस्ट हैं, का आरोप है कि आरोपी ने पहले हैदराबाद में एक हिंदू युवती से संबंध बनाए। बाद में कोलकाता में उनसे मुलाकात कर स्वयं को हिंदू बताते हुए पहली पत्नी से तलाकशुदा होने का दावा किया और कथित रूप से गायत्री मंदिर में विवाह किया। इसके बाद वह उन्हें जबलपुर ले आया, लेकिन बाद में किसी अन्य युवती के संपर्क में आने पर छोड़ दिया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने इसी प्रकार तीन हिंदू युवतियों को अपनी फर्जी पहचान के माध्यम से प्रेम संबंधों में फंसाया।
फर्जी दस्तावेज और कई बार पहचान बदलने के आरोप
इस संबंध में विश्व हिंदू परिषद का दावा है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए आधार कार्ड सहित विभिन्न पहचान पत्रों में कई बार बदलाव कराया। संगठन ने आरोप लगाया कि उसने आठ बार आधार विवरण अपडेट कराकर अलग-अलग पहचान का उपयोग किया। पुलिस ने आरोपी के पास से दो अलग-अलग नामों वाले पहचान पत्र जब्त किए हैं और उनकी वैधता की जांच की जा रही है।
हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, पुलिस ने संभाला मोर्चा
मामले की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता डेंटल स्क्वायर क्लीनिक पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद आरोपी को पकड़कर मदन महल थाने ले जाया गया। थाने के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा होने से तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए पूरे घटनाक्रम को नियंत्रित किया।
क्लीनिक प्रबंधन भी जांच के घेरे में
प्रदर्शनकारियों ने क्लीनिक प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि नियुक्ति से पहले दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन किया जाता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि अस्पताल प्रशासन ने नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान आवश्यक सत्यापन किया था या नहीं।
पुलिस ने शुरू की बहुआयामी जांच
मदन महल थाना पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ प्राप्त शिकायतों, उसके पहचान पत्रों, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और विवाह संबंधी दावों की विस्तृत जांच की जा रही है। विभिन्न राज्यों से जुड़े तथ्यों का सत्यापन भी कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

















