पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले अमित शाह और नितिन नबीन के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भाजपा के लिए एक मजबूत राजनीतिक पिच तैयार कर गए हैं। अपने भाषण में उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली भगवंत मान सरकार के नशा तस्करी, गैंगस्टरवाद, फसलों पर एमएसपी, कर्मचारियों को डीए आदि मर्म स्थलों पर प्रहार करके विधानसभा चुनावों के लिए एजेंडा सेट कर दिया। विरोधियों पर तल्ख तेवरों के साथ घेराबंदी करते हुए पीएम ने सूबे में चुनावी बिसात बिछा दी है। वहीं, भाजपा जिन मुद्दों को लेकर मतदाताओं के बीच जाएगी, उन्हें भी मोदी ने शुक्रवार को जालंधर में मंच से उछाला।
पीएम मोदी के दौरे के साथ भाजपा ने कसी कमर
पंजाब में युवा, किसान, कर्मचारी और महिलाओं पर भाजपा का मुख्य फोकस रहेगा, इसके संकेत भी प्रधानमंत्री दे गए। पंजाब में फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इसे लेकर सभी सियासी दल जोर-आजमाइश में लग चुके हैं। भाजपा ने भी पूरी तरह से कमर कस ली है। नतीजतन, फरवरी से लेकर अब तक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन एक-एक बार, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बार पंजाब आ चुके हैं। पंजाब के भाजपा नेता दावा करते हैं कि पश्चिम बंगाल की तरह भाजपा इस बार पंजाब में भी कमल खिलाने को बेताब है और इसके लिए हर तरह के रणनीतिक दांव-पेच का इस्तेमाल किया जाएगा।
विकास परियोजनाओं की सौगात
शुक्रवार को मोदी जालंधर पहुंचे और 5470 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए पीएम ने पंजाबियों को इस बात का अहसास कराने की कोशिश की कि सूबे में भाजपा सरकार न होने के बावजूद केंद्र सरकार की सौगातों का पिटारा पंजाब के लिए हमेशा खुला था और खुला रहेगा। इसके बाद उन्होंने सूबे में राजनीतिक विरोधियों पर चौतरफा हमला बोला।
यह रहने वाले हैं मुद्दे
प्रधानमंत्री ने कूटनीतिक रणनीति का परिचय देते हुए मंच से उन मुद्दों का जिक्र किया, जिनका प्रभाव प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पंजाबियों पर पड़ रहा है। इन्हीं मुद्दों के साथ भाजपाई मतदाताओं के बीच जाएंगे और सत्तारूढ़ आप सरकार की घेराबंदी करेंगे। इन मुद्दों में मुख्य रूप से नशा तस्करी, गैंगस्टरवाद, रंगदारी, वसूली, कर्मचारियों का लंबित डीए, सिर्फ दो फसलों पर एमएसपी, बढ़ता कर्ज का बोझ, केंद्र के बजट का दुरुपयोग और महिलाओं के साथ धोखा इत्यादि शामिल हैं।
हरियाणा मॉडल का उदाहरण
पंजाब में भाजपा हरियाणा मॉडल को लेकर भी उत्साहित है। मोदी ने भी इसका जिक्र मंच से किया। हरियाणा कभी पंजाब का ही हिस्सा था और वहां साल 2014 से भाजपा सरकार है। मोदी ने पंजाबियों को यह बताने की कोशिश की कि यदि हरियाणा आज तरक्की की राह पर है, तो इसके पीछे डबल इंजन की सरकार है। उधर, हरियाणा के सीएम नायब सैनी भी इसी एजेंडे के तहत पिछले कुछ महीनों से पंजाब में अपनी सियासी सक्रियता बढ़ाए हुए हैं।
युवाओं और खिलाड़ियों की तारीफ
प्रधानमंत्री ने पंजाब के युवाओं व खिलाड़ियों की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा, इनकी प्रतिभा गजब की है और इस वक्त इनके लिए अवसरों का समय है। मोदी ने बताया कि देश में इस वक्त खेल अर्थव्यवस्था को विकसित किया जा रहा है और जालंधर तो स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग का हब है। आत्मनिर्भर बनने, नए निवेश, अपने उत्पाद को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने और रोजगार सृजन के अवसर पैदा करने के लिए हमें इस मौके को गंवाना नहीं चाहिए। यह बदलाव तभी संभव होगा जब केंद्र व पंजाब में भाजपा की सरकार होगी। मोदी ने बताया कि वे अभी न्यूजीलैंड व ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थे और वहां खेलों के संदर्भ में कई समझौते हुए हैं, जिसका लाभ निश्चित तौर पर पंजाब को मिल सकता है। मोदी ने दावा किया कि विकास की नई इबारत लिखने के लिए वे हर पल पंजाब के लोगों के साथ हैं।

















