उदयपुर (राजस्थान)। उदयपुर के हरिदासजी की मगरी स्थित सेवा भारती परिसर में एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल की शुरुआत हुई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य भय्याजी जोशी ने यहाँ नवनिर्मित ‘प्राकृतिक आरोग्य केंद्र’ का गरिमामय शुभारम्भ किया। इस विशेष अवसर पर उन्होंने सेवा भारती की नई आधिकारिक वेबसाइट का भी डिजिटल लोकार्पण किया, जो संगठन के सेवा कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने में मदद करेगी।
प्राकृतिक चिकित्सा वैकल्पिक नहीं, बल्कि समानान्तर पद्धति: भय्याजी जोशी
समारोह को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए भय्याजी जोशी ने भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति एक समग्र और प्राकृत दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता जताई।
“भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति केवल बाहरी उपचार नहीं करती, बल्कि यह सीधे रोगों के मूल निदान (Root Cause) पर कार्य करती है। इसे आधुनिक चिकित्सा के ‘वैकल्पिक’ (Alternative) मार्ग के रूप में नहीं, बल्कि एक सशक्त ‘समानान्तर’ (Parallel) चिकित्सा पद्धति के रूप में स्वीकार और स्थापित किया जाना चाहिए।” – भय्याजी जोशी, सदस्य, अखिल भारतीय कार्यकारिणी (RSS)
उन्होंने आगे कहा कि भारत विविधताओं का देश है, इसलिए हमें स्थानीय जलवायु क्षेत्रों (Climatic Zones) और वहाँ की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार स्वास्थ्य पर गंभीर चिंतन व शोध करने वाले सामाजिक संगठनों की आज महती आवश्यकता है।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी विश्वस्तरीय प्राकृतिक उपचार सेवाएँ
सेवा भारती परिसर में शुरू किया गया यह प्राकृतिक आरोग्य केंद्र आधुनिक और पारंपरिक पद्धतियों का एक अनूठा संगम है। यहाँ आमजन और मरीजों के लिए बेहद किफायती दरों पर उत्कृष्ट स्वास्थ्य परामर्श एवं विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक चिकित्साएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
आरोग्य केंद्र पर उपलब्ध मुख्य स्वास्थ्य सेवाएँ:
- योग एवं प्राणायाम: मानसिक शांति और शारीरिक सुदृढ़ता के लिए दैनिक सत्र।
- आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा: प्राचीन पद्धतियों द्वारा शरीर का शुद्धिकरण (Detoxification)।
- एक्यूप्रेशर और फिजियोथेरेपी: वात-पित्त-कफ असंतुलन एवं हड्डियों-जोड़ों के दर्द का आधुनिक वैज्ञानिक उपचार।
- स्पाइनल बाथ (Spinal Bath): रीढ़ की हड्डी और तंत्रिका तंत्र को रीइकेनाइज करने वाला विशेष प्राकृतिक स्नान।
इस उद्घाटन समारोह में शहर के गणमान्य नागरिकों सहित विशिष्ट अतिथि के रूप में पेसिफिक मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष राहुल अग्रवाल एवं धरोहर चैरिटेबल फाउंडेशन के निदेशक संजय सिंघल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग तक प्राकृतिक चिकित्सा को सुलभ बनाने के सेवा भारती के इस प्रकल्प की भूरि-भूरि प्रशंसा की।















