Ghar Wapsi: उज्जैन में एक मुस्लिम युवक द्वारा सनातन धर्म अपनाने का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। यह पूरी घटना शिप्रा नदी के किनारे स्थित मोनीतीर्थ आश्रम में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई, जहां एक मुस्लिम युवक ने सनातन परंपराओं को अपनाकर अपनी नई धार्मिक यात्रा की शुरुआत की।
मुस्लिम युवक ने अपनाया सनातन धर्म
जानकारी के अनुसार, उज्जैन के मोहन नगर निवासी सलमान खान ने सनातन धर्म स्वीकार किया और इसके बाद उनका नाम बदलकर शांतनु कश्यप रखा गया। यह प्रक्रिया पूरी तरह विधि-विधान और वैदिक परंपराओं के अनुसार कराई गई। कार्यक्रम के दौरान आश्रम में मंत्रोच्चार, पूजा-पाठ और विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इस अवसर पर युवक ने शिप्रा नदी में स्नान किया, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। स्नान के बाद उन्होंने आरती में भाग लिया और पूजा की विधि का पालन किया। इसके बाद आश्रम में वैदिक मंत्रों के बीच पंच द्रव्य का सेवन भी कराया गया, जिसे धार्मिक शुद्धिकरण की प्रक्रिया का हिस्सा बताया जाता है। पूरे कार्यक्रम के दौरान बटुकों द्वारा लगातार मंत्र उच्चारण किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक बन गया। युवक ने बताया कि उसे बचपन से ही सनातन धर्म और उसकी परंपराएं आकर्षित करती थीं। उसका कहना था कि वह लंबे समय से इस धर्म को अपनाने की इच्छा रखता था। हालांकि, उसके परिवार की ओर से इस निर्णय का विरोध किया गया, जिसके कारण उसे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
परिवार के विरोध के बीच युवक ने कुछ सामाजिक संगठनों से संपर्क किया, जिनमें बजरंग दल के कार्यकर्ता भी शामिल थे। इसके बाद उसे मोनीतीर्थ आश्रम लाया गया, जहां विधिवत रूप से उसकी घर वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान उसने कहा कि अब वह पूरी तरह सनातन धर्म के रीति-रिवाजों का पालन करेगा और इसी मार्ग पर आगे अपना जीवन व्यतीत करेगा। युवक ने यह भी कहा कि वह अब अपने परिवार से अलग रहकर जीवन यापन करेगा। उसके अनुसार यह निर्णय उसने अपनी आस्था और व्यक्तिगत विश्वास के आधार पर लिया है। मोनी तीर्थ आश्रम के महंत महामंडलेश्वर सुमन आनंद गिरि महाराज ने बताया कि युवक कई वर्षों से सनातन धर्म अपनाने की इच्छा व्यक्त कर रहा था। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया विधि-विधान के अनुसार संपन्न हुई और युवक को पंच द्रव्य का पान कराकर सनातन परंपरा में प्रवेश दिया गया। महंत ने कहा कि सनातन धर्म सभी को अपनाता है और इसमें कोई भेदभाव नहीं होता। यह धर्म हर व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार अपना मार्ग चुनने की पूरी स्वतंत्रता देता है।

















