लव जिहाद को नकारने वालों को यह शब्द समझ नहीं आता है। लव जिहाद उसी घटना को कहा जाता है, जिसमें मुस्लिम पुरुष अपनी मजहबी पहचान बदलकर या छिपाकर या फिर जिस समुदाय की लड़की को टारगेट करना है, उसकी पहचान को अपनाकर लड़की को अपने प्यार के जाल में फंसाता है। इसे फिर से समझें, कि लड़का अपनी मजहबी पहचान को छिपाकर गैर मुस्लिम पहचान धारण करके उस समुदाय की लड़की को फंसाता है और जब लड़की उसके जाल में फंस जाती है या फिर कहें कि उसके साथ धोखे से शारीरिक संबंध बना लेती है तो फिर उस लड़की पर इस्लामिक कन्वर्जन का दबाव डाला जाता है।
इसमें सबसे महत्वपूर्ण है पहचान का बदलना
लव जिहाद में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि लड़की को पूरी तरह से पहचान बदलकर फंसाया जाता है। प्रसिद्ध खिलाड़ी तारा शहदेव का उदाहरण सामने है, जिसमें उन्हें कैसे सुनियोजित तरीके से नाम बदलकर रकीबुल खान ने रंजीत बनकर फंसाया था। उनके सामने शादी के अगले दिन तक सामने ही नहीं आने दिया था कि वह रंजीत नहीं, बल्कि रकीबुल है। ऐसे एक नहीं कई मामले हैं, और आज भी सामने आ रहे हैं, जिनमें मुस्लिम युवक पहले अपना नाम बदलता है, कलावा भी पहनता है, मंदिर भी जाता है और इस तरह से लड़की को अपने जाल में फंसाता है। वह हिन्दू होने की हर चाल चलता है और फिर वह इसी पहचान के साथ बहला फुसला कर मंदिर में या कहीं और शादी भी करता है। जब उसका असली चेहरा और असली पहचान सामने आती है, तब लड़की विरोध करती है। क्योंकि उसे छले जाने का एहसास होता है। प्यार में सब कुछ चलता है, परंतु धोखा नही। जिस रिश्ते की नींव ही धोखे पर हो, तो उसका आगे क्या होगा, यह समझना ही आवश्यक होता है। लव जिहाद में लड़की किसी मुसलमान लड़के से प्यार नहीं करती है, इसे खासतौर पर समझना होगा।
लव जिहाद में लड़की एक ऐसे लड़के से प्यार और शादी करती है, जो हिन्दू है, जो उसके साथ मंदिर जाता है, जो उसके साथ सोमवार का व्रत रखता है और जो उसके साथ हिन्दू बनकर हर कदम पर साथ देने का वादा करता है। वह किसी मुस्लिम लड़के से प्यार या शादी नहीं करती है। उसके साथ छल होता है, वह छली जाती है, और वह भी प्यार के नाम पर! हरिद्वार में जब कोई अजहर अहमद राहुल बनकर हिन्दू लड़की से शादी करता है, तो वह महिला अजहर अहमद से नहीं बल्कि राहुल से प्यार करती है और राहुल के साथ जीने मरने की कसमें खाती है और जैसे ही उसे पता चलता है कि वह राहुल नहीं है तो वह उसे छोड़ देती है। वडोदरा में इकबाल परमार जब प्रतीक पटेल बनकर किसी लड़की को फंसाता है तो वह लड़की इकबाल से नहीं बल्कि प्रतीक से प्यार करती है। वाराणसी में शराफ़ रिजवी ने तो नाम और पहचान बदलकर कई राज्यों में 12 लड़कियों से शादी की थी और उन सभी पर इस्लामिक कन्वर्जन का दबाव डाला था।
वे किसी मुसलमान पर फिदा नहीं हुई थीं
हालिया वायरल इंटरव्यू में निवेदिता मेनन और आरफा खानम शेरवानी हिन्दू महिलाओं को मुस्लिम युवकों के पीछे पागल बता रही हैं। निवेदिता मेनन और आरफा खानम लव जिहाद पर बात कर रही हैं और उनके अनुसार हिन्दू लड़कियां मुसलमान युवकों के पीछे पागल हैं, क्योंकि वे आकर्षक होते हैं। उन्होंने हिन्दू पुरुषों को अनाकर्षक कहा। एक प्रकार से हिन्दू लड़कियों को नीचा दिखाया है कि उनके लिए धर्म, नैतिकता, और मूल्य कुछ नहीं है, बस उन्हें मुसलमान युवक ही पसंद आते हैं। और ऐसा कहते हुए लव जिहाद जैसे शब्द पर बात की। जबकि लव जिहाद में हिन्दू लड़की केवल उस मुस्लिम युवक की हिन्दू पहचान के कारण आकर्षित होती है।
जो लड़की किसी मुसलमान युवक को उसकी मुसलमान पहचान जानते हुए अपनाती है, उसके लिए लव जिहाद का शब्द प्रयोग नहीं किया जाता है। लव जिहाद केवल और केवल अपनी पहचान छिपा कर हिन्दू लड़कियों को फँसाने का शब्द है। आरफा खानम की हिन्दू युवकों और युवतियों के प्रति घृणा इस वीडियो से स्पष्ट होती है। इस वीडियो मे एक प्रकार से हिन्दू लड़कियों को मूल्यविहीन और केवल शरीर के प्रति आकर्षित युवतियों के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
चाहत खन्ना और अनीता हसनंदानी ने भी लगाए थे दबाव के आरोप
अब चाहत खन्ना का मामला लें, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पति फरहान मिर्जा थे। 2018 में तलाक के दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पति बीमार होने पर भी उनसे जबरन शारीरिक संबंध बनाते थे, वेश्यावृत्ति का आरोप लगाते थे और उन पर धर्म-परिवर्तन का दबाव बनाया था, मगर चाहत ने फरहान के लिए खुद को बदलने के स्थान पर फरहान को छोड़ दिया था। हालांकि उन्होंने प्यार में निकाह कर लिया था, मगर उनपर उनके भगवान की पूजा न करने का दबाव डाला गया, उनका ब्रेन वाश किया गया और जब वह यह सब नहीं सह पाईं तो उन्होनें तलाक ही नहीं लिया, बल्कि हिन्दू धर्म में वापसी भी की। यह लव जिहाद का मामला नहीं था, मगर इस मामले से और एक और अभिनेत्री अनीता हसनंदानी ने भी कहा था कि उनके बॉयफ्रेंड एजाज खान उन्हें बदलना चाहते थे और वे प्यार में बदल भी गई थीं, मगर जो प्यार में बदलना चाहे वह प्यार नही है! उन्होंनें ब्रेकअप कर लिया था। परंतु न तो निवेदिता मेनन लव जिहाद शब्द को स्वीकार करेंगी और न ही आरफा।

















