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आज का श्लोक : मन एवं मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः

सुभाषितम् में पढ़ें आज का श्लोक

Published by
Panchjanya

मन एवं मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः ।
आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मनः ।।(गीता)

हिन्दी अर्थ-

वस्तुतः सांसारिक बन्धन व मोक्ष का मूल कारण ‘मन’ ही है। उसे वश में करना ही दम है। राग द्वेष का कारण भी मन ही है। आत्मा ही आत्मा का बन्धु है तथा आत्मा ही आत्मा का शत्रु है। कुवृत्तियां व सुवित्तियां ही उसे यह रुप प्रदान करती हैं।

 

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