भारत में जहां लव जिहाद के मामले रोज सामने आ रहे हैं, वहीं ब्रिटेन की संसद में भी ग्रूमिंग गैंग्स को लेकर चर्चा हो रही है। इस गैंग द्वारा लड़कियों पर किये गए अत्याचारों पर बहसें हो रही हैं। जो सच्ची कहानियां निकलकर सामने आ रही हैं, वह भयावह हैं। इससे भी ज्यादा जघन्य क्या हो सकता है? सांसद रूपर्ट लो (Rupert Lowe) का एक वीडियो वायरल है। इसमें वे उन पीड़िताओं की कहानी बता रहे हैं, जिन्होंने इस गैंग के हाथों प्रताड़ना सहकार भी हार नहीं मानी।
पीड़िताओं की आपबीती
एक पीड़िता ने जो बताया है उससे रोंगटे खड़े हो जाएंगे। उसने बताया कि जब वह 12 साल की थी, तब उसके साथ दरिंदगी हुई। लड़के ने पहले उसके साथ संबंध बनाए और फिर एक कांच की बोतल उसके प्राइवेट पार्ट्स में डाल दी। एक और किशोरी ने बताया कि कई पुरुषों ने उसका बलात्कार किया। इसके बाद उसे पीटा और धमकी दी कि अगर वह किसी को कुछ भी बताएगी तो उसे खोज लेंगे और उसे और उसके परिवार को मार डालेंगे।
ईसाई गोरी लड़कियां बलात्कार के लिए हैं
कई पीड़िताओं ने बताया कि जब उनके साथ दुष्कर्म हो रहा था तो उनसे बार-बार कहा गया कि ईसाई लड़कियां होती ही इसलिए हैं, क्योंकि उनके कोई मूल्य नहीं होते हैं और मुस्लिम लड़कियां मूल्यों के साथ जीवन बिताने वाली होती हैं और उनकी इज्जत होती है। यह सब उन लड़कियों को अपमानित करने के लिए किया गया।
ग्रूम की गई श्वेत लड़की ने श्वेत लड़की को फटकारा
सबसे हैरान करने वाला मामला वह है जिसमें एक श्वेत महिला, जिसे पहले से ग्रूम किया जा चुका था, और जिसकी शादी भी ऐसे ही एक युवक के साथ हो गई थी, उसने भी श्वेत लड़कियों को दोषी ठहराया। उसने पीड़िता को अपमानित किया और बार बार “F…..ng लायर्स! लायर्स व्हाइट बिचेस” कहा गया। पीड़िता से उसने कहा कि ऊपर वाला देखेगा कि तुम्हारे साथ क्या हो रहा है!
बदलती डेमोग्राफी की भूमिका
एक पीडिता ने कहा कि नस्लीय रूप से उन्हें निशाना बनाया गया। जहां-जहां डेमोग्राफी बदली, वहां-वहां श्वेत लड़कियों को इस तरह के शोषण और अत्याचारों का सामना करना पड़ा। एक पीडिता ने कहा कि वह जितनी भी लड़कियों से मिली, वह सभी श्वेत और ईसाई थीं।
पुलिस अधिकारियों ने भी किया बलात्कार
सबसे भयावह उस लड़की का बयान है, जिसने कहा कि उसके साथ कई पुलिस अधिकारियों ने बलात्कार किया। ऐसे में प्रश्न उठता है कि बार-बार जिन लड़कियों और अभिभावकों ने कहा कि पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी, और उनकी कहानी को अनदेखा किया तो क्या उसका कारण यही था कि उन्हें नई लड़कियां मिल रही थीं? एक पीड़िता के अनुसार उसके साथ तीन सालों में देश के विभिन्न हिस्से से कम से कम 600 से 700 लोगों ने बलात्कार किया। एक पीडिता ने बताया कि कैसे किसी चाइल्ड होम के बाहर से किसी बच्चे को उठाया जाता था और उसे शिकार बनाया जाता था।
ईद और ऐसे त्योहारों पर और भी वीभत्सता होती थी
एक पीडिता ने बताया कि ईद और उनके त्योहारों पर और भी वीभत्सता होती थी। उनकी पार्टी और भी बड़ी होती थी। इसके साथ ही लड़कियों का शोषण और भी अधिक होता था। ज्यादा लोग आते थे और ज्यादा लड़कियां भी इसमें लाई जाती थीं।
कहां है तुम्हारा गॉड?
एक पीडिता ने बताया कि वह ईसाई थी और इसलिए वह क्रॉस पहनती थी। उसके इसी क्रॉस और पहचान को बलात्कार के बाद यह पूछकर अपमानित किया कि तुम्हारा गॉड अब कहां है? क्या तुम्हारे गॉड ने तुम्हें छोड़ दिया है?
कुत्तों के पिंजरे में बंद लड़कियां
एक पीड़िता ने बताया कि वह जितनी भी ऐसी लड़कियों से मिली थी, वह जितनी भी ऐसी लड़कियों के घर गई, वे सभी श्वेत ईसाई थीं। और उसने एक वैन देखी, जिसमें पंद्रह से बीस श्वेत लड़कियां “कुत्तों के पिंजरे” में कैद थीं।
कुत्तों से बलात्कार करवाया गया
एक पीडिता ने बताया कि उसे तोड़ने के लिए उसे कुत्ते के साथ बंद कर दिया गया और उसके आसपास जो लोग थे वे हंस रहे थे, वीडियो बना रहे थे और यह शर्त लगा रहे थे कि कुत्ता कब इसके साथ बलात्कार करेगा। लड़की का कहना था कि वह सबसे डरावना था कि आप कहीं जा नहीं सकते थे और आपके आसपास कुत्ता और हंसते हुए लोग थे।
लड़की ने कहा, हाँ, मेरा बलात्कार कुत्ते ने किया। उसके बयान के अनुसर एक आदमी ने उसका चेहरा पकड़ा, उसे घूरता रहा, उसकी आँखों में आँखें डालकर इसलिए घूरता रहा क्योंकि वह उसे टूटते हुए देखना चाहता था और उसने यह सब करवाया।
एक पीड़िता ने कहा कि वह चाहती है कि लोग इस बात का विश्वास करें कि ये सब होता है और वह यह चाहती है कि किसी भी और परिवार के किसी भी बच्चे के साथ ऐसा न हो।
रूपर्ट लो का कहना था कि वे इस विषय जब तक चाहें बोल सकते हैं, मगर वे चाहते हैं कि अब इन मामलों में सजा हो, लोग ऐसा करने से पहले सोचें।

















