ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग पर मचा हंगामा अभी तक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पाकिस्तानी आदमियों द्वारा श्वेत लड़कियों के साथ किया गया यह अपराध लोग सरकार और मीडिया की उपेक्षा के बाद भी भुलाने के लिए तैयार नहीं हैं। यह और भी बड़ी विडंबना है कि हर पार्टी की सरकार ने इन लड़कियों के साथ अन्याय किया था। अब ब्रिटेन के राष्ट्रवादी लोग इस मामले में झुकने के लिए तैयार नहीं है। और यही कारण है कि अब लेबर की सरकार ऊपरी मन से ही सही, परंतु कदम उठाने का दिखावा कर तो रही है।
जेल से रिहा ग्रूमिंग गैंग का बॉस शबीर अहमद
हाल ही में ग्रूमिंग गैंग का बॉस शबीर अहमद जेल से रिहा हो गया है और इसे लेकर अब ब्रिटेन में आवाज उठ रही है कि उसे पाकिस्तान वापस भेजा जाए। लोग सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि जेल से रिहा हुए शबीर अहमद को उसके मुल्क पाकिस्तान भेजे जाने के रास्ते खोजे जाएं। और उसे लेकर ब्रिटेन की होम सेक्रेटरी शबाना महमूद ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। यह पता चला है कि शबीर अहमद को एक कानूनी कमी के चलते उसके मुल्क वापस नहीं भेजा जा सकता है। नागरिकता के जाने के बाद भी, शबीर अहमद को इसलिए वापस नहीं भेजा जा सकता है क्योंकि 1971 का इमिग्रेशन एक्ट, कॉमनवेल्थ नागरिकों को देश से बाहर जाने से रोकता है, जो 50 साल पहले देश मे आ गए थे।
डेली मेल के अनुसार यह भी डर है कि अगर कानून बदल भी जाता है, तो भी पाकिस्तान उसे अपनाने से इनकार कर सकता है। जहां शबीर अहमद की रिहाई और इस बात से लोगों में गुस्सा भर रहा है कि बच्चियों का शोषण करने वाला व्यक्ति अंतत: आजाद घूमेगा, और वे लोग कुछ नहीं कर पा रहे हैं, तो वहीं यह भी सरकार की ओर से प्रयास हो रहे हैं कि किसी तरह से शबीर अहमद को पाकिस्तान वापस ले ले। इस संबंध में शबाना महमूद और विदेश सचिव येवेत कूपर से अनुरोध किया गया कि वे लोग पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीसा प्रतिबंधित करने और पिछले अनुमोदित दानों को भी रोकने की धमकी दें, जब तक कि इस्लामाबाद इस बात पर सहमत नहीं होता है कि वह शबीर अहमद को अपने देश मे वापस लेगा, जो उन 9 लोगों का लीडर था, जिन्होनें 13 साल तक की बच्चियों का शोषण रोशडेल में किया था।
ग्रूमिंग गैंग पर बयानबाजियां
इस रिहाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजियाँ भी हो रही हैं। ब्रिटेन के शैडो होम सचिव क्रिस फिलिप ने कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक है कि बच्चों का बलात्कारी और ग्रूमिंग करने वाला हमारे देश में अपनी सजा पूरी करने के बाद आजाद है।
उन्होनें इस संबंध मे कानून बदलने का भी वादा किया है। कि जिससे विदेश मे जन्मे बलात्कारियों को वापस उनके देश भेजा जाए। डेली मेल के अनुसार फिलिप ने कहा कि जो भी देश अपने नागरिकों को वापस लेने से इनकार करता है, उसे दी जाने वाली सभी विदेशी मदद तुरंत रोक दी जानी चाहिए और उन पर धीरे-धीरे कड़े वीज़ा प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए – ताकि जो देश अपने नागरिकों को वापस नहीं ले रहा है, उसके नागरिकों को यूके आने के लिए वीज़ा न मिल सके।’
क्या है ग्रूमिंग गैंग?
वैसे तो यह शब्द इस समय इतना चर्चा में है कि इसे बताए जाने की आवश्यकता नहीं है, परंतु फिर भी पाठकों को एक बार यह बताया जाना चाहिए कि यह शब्द क्या है? इस शब्द का प्रयोग उन पाकिस्तानी युवकों और आदमियों के लिए किया जाता है, जिन्होनें कम उम्र की श्वेत लड़कियों को बहला फुसला कर देह व्यापार और ड्रग्स के धंधे में धकेला और इन बच्चियों के साथ बलात्कार किया और लगातार करते रहे। इसमें पाकिस्तानी मूल के युवकों का साथ पाकिस्तानी मूल के नेताओं का भी हाथ रहा था।
कानून काफी पहले से है
ग्रूमिंग गैंग्स के अपराधियों को उनके मुल्क अर्थात पाकिस्तान भेजने के लिए अभियान चलाने वाले लोग निराश हैं। रेप गैंग के खिलाफ अभियान चलाने वाली और ग्रेटर मेनचेस्टर की पुलिस जासूस मैगी ओलिवर ने जीबी न्यूज़ से कहा कि उनका गुस्सा इस बात को लेकर है कि, यह कानून 2012 में भी लागू था। अर्थात जब उन्हें यह कहकर आश्वस्त किया जा रहा था कि इन अपराधियों को उनके अपने मुल्क भेजा जाएगा, तो उस समय भी नेता इस बात को जानते थे कि वे जो वादा कर रहे हैं, वह संभव है ही नही।
अहमद को 22 साल की सजा मिली थी और उसमें से 14 साल की सजा काटकर वह जमानत पर बाहर है और वह एक जीपीएस टैग पहनकर रहेगा, जिससे कि अगर वह रोशेडल में जाता है तो पुलिस को पता चल जाए। 73 वर्षीय अहमद ग्रूमिंग गैंग की पीड़ितों से खुद को “डैडी” कहलवाता था। इसके जमानत पर बाहर आने का समाचार भी बहुत गोपनीय रखा गया था और पीड़ितों को यह एक दो मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला और उसके बाद हंगामा हुआ। रोशेडल के सांसद ने भी कहा कि ऐसे अपराधी को बिल्कुल भी कहीं पर भी जाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर विरोध जारी है। देखना होगा कि कानून में परिवर्तन होता है या फिर इस्लामाबाद इस बात के लिए तैयार होता है कि वह ऐसे अपराधियों को वापस लेगा!

















