भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को कांग्रेस को जमकर आड़े हाथ लिया। वायनाड पर जहां गांधी परिवार की असंवेदनशीलता को उजागर किया, वहीं मुंबई आतंकी हमले का भी जिक्र किया।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यूपीए सरकार के समय गृह मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी, अंडर-सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने एक एजेंसी को इंटरव्यू दिया है। इसमें उन्होंने कहा है कि 26/11 मुंबई हमले के दौरान अगर अजमल कसाब को जिंदा नहीं पकड़ा जाता तो तथाकथित ‘हिंदू टेरर’ (हिंदू आतंकवाद) का नैरेटिव गढ़ने की पूरी तैयारी हो चुकी थी।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी शायद न जानती हो कि 26 नवंबर 2008 को सभी आतंकवादियों के पास नकली हिंदू पहचान-पत्र थे। उन सभी के दाहिने हाथ पर ‘कलावा’ बंधा हुआ था। अगर शहीद तुकाराम ओंबले ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर कसाब को ज़िंदा न पकड़ा होता, तो उन नकली पहचान-पत्रों के आधार पर तथाकथित हिंदू आतंकवाद की पूरी थ्योरी को सच साबित कर दिया जाता। उन्होंने कहा कि यह आईएसआई और कांग्रेस के बीच एक ‘फिक्स्ड मैच’ था। पाकिस्तान की कुख्यात इंटेलिजेंस एजेंसी आईएसआई और इंडियन नेशनल कांग्रेस के बीच मिलीभगत थी। उन्होंने जो कुछ भी कहा है, वह सिर्फ़ एक आरोप नहीं है। इसके पीछे ठोस सबूत हैं। अब कांग्रेस पार्टी की ज़िम्मेदारी है कि वह इसका जवाब दे।
(इनपुट एजेंसी)
















