उत्तराखंड । देहरादून टिहरी सांसद महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह ने महिला आरक्षण विधेयक को मातृ शक्ति सशक्तिकरण का स्वर्णिम अध्याय बताया है। उन्होंने कहा, इस ऐतिहासिक कदम के साथ भारत, महिला अधिकारों को लेकर कई मायनों में दुनिया के विकसित देशों से भी आगे निकल जाएगा।
इस विधेयक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह विधेयक केवल सीटों का आरक्षण नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की निर्णयात्मक भूमिका को सुनिश्चित करने का एक संकल्प है। वर्षों से लंबित इस सुधार को लागू कर भाजपा सरकार ने सिद्ध कर दिया है कि नारी शक्ति उनके लिए केवल नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अपील की कि तमाम विरोधाभास के बावजूद भी महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने के लिए सदन को एकजुटता से निर्णय लेना चाहिए।
राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी का वक्तव्य
भाजपा राज्यसभा सांसद श्रीमती कल्पना सैनी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को विकसित भारत निर्माण में महिलाओं की भूमिका को सुनिश्चित करने वाला बताया है। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी को भाग्यशाली बताते हुए कहा, जो आजादी के 70 सालों में भी नहीं हो पाया उसे साकार होते हुए हम सब देख रहे हैं। देश की आधी आबादी संवैधानिक निर्णय में पूरी भागीदारी दिलाने के लिए पीएम मोदी की सदैव ऋणी रहेगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं की सफलता के बाद अब देश की सर्वोच्च नीति-निर्धारक संस्थाओं लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की 33% उपस्थिति भारत को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। इस कानून के लागू होने से सर्वोच्च सदनों में बढ़ा हुए जनप्रतिनिधित्व से महिला सशक्तिकरण की रफ्तार तीव्र होगी। नारी शक्ति की यही बढ़ी हुई भूमिका देश के विकास को नया आयाम देगी।

















