झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने झारखंड सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। अमित मालवीय ने अपनी पोस्ट में कहा कि लाठीचार्ज के बाद अब शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े जा रहे हैं। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार से इस कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा। मालवीय का कहना है कि अगर छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तो उनके खिलाफ बल प्रयोग क्यों किया गया, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
अमित मालवीय का विपक्ष पर तीखा हमला
अमित मालवीय ने अपने पोस्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता दूसरे राज्यों में छात्रों के मुद्दों को लेकर आवाज उठाते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों के खिलाफ हो रही कार्रवाई पर चुप हैं। मालवीय ने अपनी टिप्पणी में राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और उनके समर्थकों के लिए ‘तिलचट्टों’ शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरे राज्यों में छात्रों के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्हें झारखंड में छात्रों पर हुई कार्रवाई के मामले में भी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने इस कथित चुप्पी पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे लोगों को शर्म से डूब जाना चाहिए। छात्रों की मांगों और प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर अब सरकार के जवाब का इंतजार है।
लाठीचार्ज के बाद अब शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आँसू गैस के गोले भी छोड़े जा रहे हैं।
हेमंत सोरेन सरकार को इसका जवाब देना होगा। और राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और उनके तिलचट्टों को भी, जो दूसरे राज्यों में छात्रों के नाम पर राजनीति करते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों पर… pic.twitter.com/RsB4d9zTwK
— Amit Malviya (@amitmalviya) August 10, 2026
दरअसल, झारखंड में छात्रों का मौजूदा प्रदर्शन मुख्य रूप से JSSC CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर है। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। छात्र JSSC और JPSC से जुड़ी अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की भी जांच की मांग कर रहे हैं।

















